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भाजपा ने ज्ञापन सौंपकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की गिरफ्तारी मांग की कोरोना काल में कमलनाथ का व्यान शर्मनाक- अमित नुना
By Rohit Kumar Ojha
टीकमगढ़ से मनोज सिंह की रिपोर्ट
भाजपा ने ज्ञापन सौंपकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की गिरफ्तारी मांग की
कोरोना काल में कमलनाथ का व्यान शर्मनाक- अमित नुना
टीकमगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा कोरोना को लेकर भारत की छवि खराब करने भय का माहौल निर्मित करने देश की जनता एवं किसानों को भ्रमित करने देश की शांति भंग करवाकर देश में अराजकता कारित करवाए जाने के उद्देश्य से भड़काऊ बयान का वीडियो जारी किए जाने के मामले में प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई किए। आज हमारे देश सहित संपूर्ण विश्व के सभी देश एकजुट होकर टीम द्वारा फैलाए गए कोरोना की महामारी से लड़ रहे हैं। सोमवार को भारत प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश का प्रत्येक नागरिक सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष कर रहा है। जिसमें डॉक्टर, नर्स, पुलिसकर्मी शासन व प्रशासन के प्रत्येक व्यक्ति, कई सामाजिक संगठन एवं राजनीतिक दल इस वैश्विक महामारी के दौरान एकजुट हैं। ऐसे समय में सरकार के खिलाफ देश की जनता को भ्रमित कर आक्रोश एवं अराजकता फैलाकर देश की सार्वजनिक शांति को भंग करने के लिए शासन के आदेश का उल्लंघन कर निजी स्वार्थ हेतु कांग्रेसी दूषित मानसिकता का परिचय देते हुए कमलनाथ जी द्वारा एक वीडियो जारी कर स्पष्ट रूप से चाइनीज कोरोना को इंडियन कोरोना का गया है। उक्त बयान भारत की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि बिगाड़ने वाला है। साथ ही यह आम नागरिकों के बीच भय का माहौल की पैदा करता है। उनका यह भी कहना है कि सरकार लाखों लोगों की मौत का आंकड़ा छुपा रही है। जो कि बेहद आपत्तिजनक व भय का वातावरण फैलाने वाला है।मध्य प्रदेश के हर जिले में धारा 144 के तहत आदेश पारित कर भय फैलाने वालों एवं सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री का बयान जानबूझकर भय और अशांति फैलाने वाला है।यह की देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के हित में डीएपी के भाव कम करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया, लेकिन इसका सही संदेश लोगों तक ना पहुंचे विशेषकर किसानों तक ना पहुंचे इसलिए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी ने अपने विधायकों के साथ हुई वर्चुअल मीटिंग में आग लगाने की बात कहकर कानून और शांति व्यवस्था को भंग करने का काम किया है। उनका यह आग लगाने वाला बयान भारत देश की जनता एवं किसानों को सरकार के खिलाफ भ्रमित कर आक्रोश एवं अराजकता फैला कर देश की सार्वजनिक शांति को भंग करने एवं आमजन को भड़का कर सरकार के खिलाफ अवैधानिक कदम उठाने हेतु उठाए जाने एवं दंगा भड़काने के उद्देश्य से किया गया है। जिसकी जानकारी हमें जनता के बीच जाकर उनसे बात करने पर प्राप्त हुई, जोकि स्पष्ट रूप से देशद्रोह की श्रेणी में आकर भारतीय दंड संहिता की धारा 124 (ए), 505 (1) 153 एवं 188 के तहत दंडनीय है।एक ही समय में चाइनीज कोरोना को इंडियन कोरोना, मौत के झूटे आंकड़े और विधायकों को आग लगाने के लिए प्रेरित करना किसी बड़ी साजिश की रणनीति का हिस्सा लगता है। कमलनाथ जी के यह बयान भड़काऊ और अशांति फैलाने वाले और डराने वाले हैं यदि शीघ्र इनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेश में कानून व्यवस्था निश्चित रूप से बिगड़ जाएगी।




