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इंदौर। रेमडेशिविर इंजेक्शन कालाबाजारी में मामले में पुलिस का खुलासा, एसपी ने कहा मंत्री सिलावट व उनके परिवार का मामले से कोई संबंध नही

एसपी आशुतोष बागरी ने प्रेस वार्ता कर मामले का किया खुलासा

 

रिपोर्टर – सतीश शर्मा, इन्दौर 

रेमडेशिविर इंजेक्शन कालाबाजारी में मामले में पुलिस का खुलासा
एसपी ने कहा मंत्री सिलावट व उनके परिवार का मामले से कोई संबंध नही
एसपी आशुतोष बागरी ने प्रेस वार्ता कर मामले का किया खुलासा

इंदौर। बीते दिन रेमडेशिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के मामले में हुए वीडियो वायरल के बाद एक युवक द्वारा प्रदेश के कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट की पत्नी के ड्राइवर से रेमडेशीवीर इंजेक्शन खरीदने की बात कही थी इस पूरे मामले में पुलिस ने जांच के बाद बीते दिन एक प्रेस वार्ता आयोजित की जहां मामले का खुलासा किया गया।

दरअसल मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल मचाने वाले मामले में पुलिस ने जांच के बाद बीती शाम एक पत्रकार वार्ता आयोजित की जहा एसपी ने मीडिया को बताया कि गोविंद राजपूत ने बीमारी के दौरान पुनीत से इंजेक्शन खरीदे थे। हालांकि उनका उपयोग न होने के कारण वापस कर दिए थे।
पुलिस अधीक्षक आशुतोष बाग़री ने बताया कि पुनीत अग्रवाल ने वीडियो में आधा सच कहने की बात कही है, उसके वाइरल वीडियो की जानकारी के बाद खुद गोविंद ने पुलिस के पास पहुचकर बयान दर्ज करवाए, SP ने कहा कि मामले में पुलिस ने कॉल डिटेल और रिकार्डिंग की भी जांच की है, प्राथमिक दृष्टिकोण में गोविंद की बात सच दिखाई दे रही है। उन्होने कहा कि हम इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस के मुताबिक वहीं गोविंद ने बताया कि वह बीते दिनों बीमार हुआ था, उसे आशंका थी कि वह कोरोना संक्रमित है। जहा वह ऐहितियातन उसने पुनीत से इंजेक्शन खरीद लिए थे, पुलिस ने कहा कि जानकारी मिली है कि आरोपी पुनीत ने किसी बंटी नामक शख्स से यह इंजेक्शन लिए थे, शुरुआती पड़ताल में पुलिस गोविन्द के बयानों को नही मानते हुए कुछ तथ्यात्मक जानकारी भी जुटा रही है। फिलहाल एसपी आशुतोष बागरी के अनुसार पुलिस अब बंटी की तलाश कर रही है, वही प्राथमिक दृष्टिकोण से पुलिस को गोविंद के बयान सही लग रहे है, वही पुनीत का वीडियो पुलिस की प्राथमिक जांच में झूठ लग रहा है, हालांकि आरोपी को फिलहाल जेल भेज दिया गया है, वही पुलिस के मुताबिक मामले में फिलहाल जांच सामने आया है की जिला स्वास्थ्य अधिकारी पूर्णिमा गडरिया और मंत्री तुलसी सीलावट और उनके परिवार का इस मामले में कोई संबंध नही है।
आपको बताना चाहेंगे कि बीते दिनों इंदौर के विजय नगर स्थित पुलिस ने पुनीत अग्रवाल को रेमेडिसीवर इंजेक्शन महंगे दाम में बेचते हुए, इंजेक्शन के साथ उसे हिरासत में लिया था। मामले में पुलिस जब आरोपी पुनीत अग्रवाल को न्यायालय पेश करने जा रही थी तभी मीडिया कर्मियों से पुनीत ने बात की और बताया कि वह इंजेक्शन गोविंद राजपूत से लाया है। गोविंद मंत्री तुलसी सिलावट की पत्नी का ड्राइवर है।
जानकारी के मुताबिक आरोपी पुनीत अग्रवाल का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने दो पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की है। जहा पुलिस अधिकारियों की दलील थी कि उन्होंने कार्य में लापरवाही बरती है। हिरासत में होने के बाद भी आखिर उन्होंने ये वीडियो कैसे बन जाने दिया। वही मामले में पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि पुनीत अग्रवाल खुद कुछ समय पूर्व तक विधायक संजय शुक्ला के यहां गाड़ी चलाता था, साथ ही यह भी जानकारी मिली है कि पुनीत पर पुराना एक मामला भी शहर के एक थाने में दर्ज है। मामले में आरोपी पुनीत अग्रवाल का वीडियो के वायरल होने के बाद कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला सहित इन्दौर के कई नेताओं ने भाजपा के कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट को लेकर जुबानी हमला बोला था।

इस पूरे घटना क्रम की जानकारी लहलगते ही खुद मंत्री तुलसी सिलावट मामले की निष्पक्ष जांच की बात कह रहे थे, मंत्री के मुताबिक मामले में जो भी दोषी हो उस पर रासुका की कार्यवाही की अनुशंशा करता हूं। हालांकि इस पूरे मामले ने मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। जहां कांग्रेस बीजेपी को लगातार आड़े हाथ ले रही है तो वही भाजपा मामले में निष्पक्ष जांच की बात कह रही।

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