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 टीकमगढ़ | नर्सेस एसोसिएशन संघ ने लंबित मांगो को लेकर बैठी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर ।

मनोज सिंह की रिपोर्ट| 

टीकमगढ़। बुधवार को अस्पताल एसोसिएशन मध्य प्रदेश ने धरना देकर यह प्रदर्शन प्रदर्शन के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी दिया ज्ञापन। ज्ञापन में उल्लेखनीय है कि नर्सेस एसोसिएशन मध्यप्रदेश 11720 कई बार शासन प्रशासन को ज्ञापन के माध्यम से नर्सेस की लंबित मांगों को लेकर समय-समय पर अवगत कराता आ रहा है आज दिनांक तक नर्स की मांगों पर विचार नहीं किया गया। वर्तमान में पूरा देश इस बात को मान चुका है कि हम कोविड-19 की महामारी में जो सबसे ज्यादा फंट लाईन वर्कर के रूप में उभर कर सामने आये है वह हमारी नर्सेस बहन व भाई है। अपनी जान की परवाह न करते हुये उन्होंने देश पर आये इस संकट की घड़ी में अपना पूरा योगदान दिया कई संगठनों ने हमारी नर्सेस बहनों के पैर छूकर उन्हें सम्मानित किया। किसी ने श्रीफल और शॉल से सम्मानित किया। इन सभी संगठनों को हम तहे दिल से शुक्रिया अदा करते है और नर्सेस की कोविड-19 में पूर्ण समर्थन के साथ अपना दायित्व एवं ईमानदारी से निभाने के चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहार, स्वास्थ्य मंत्री चिकित्सा शिक्षा एवं सभी प्रशासनिक अधिकारियों से यह अपेक्षा रहते है कि नर्सेस की मांगों को एक मंच पर लाकर उनका निराकरण करने की मांग की है। वही संगठन ने बताया की उच्च स्तरीय वेतमान ( 2nd ग्रेड ) अन्य राज्यों की तरह मध्यप्रदेश में कार्यरत समस्त नसेंस को दिया जाये, पुरानी पेंशन योजना लागू की जाये, कोरोना काल में शहीद हुए नर्सिंग स्टाफ के परिजन को अनुकम्पा नियुक्ति देने के साथ – साथ 15 अगस्त को राष्ट्रीय कोरोना योद्धा अवार्ड से सम्मानित किया जाए । कोरोना काल में शासकीय स्तर पर जितनी भी घोषणाये की गई उन पर अमल नहीं किया गया। कोविड -19 में नर्सेस को सम्मानित करते हुये अग्रिम दो वेतन वृद्धि का लाभ उनकी सैलरी में लगाया जाय । 2018 के आर्दश भी नियमों में संशोधन करते हुये 70 प्रतिशत 80 प्रतिशत एवं 90 प्रतिशत का नियम हटाया जाये एवं प्रतिनियुक्ति समाप्त कर स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू की जाये। सरकारी कॉलेजों में सेवा रहते हुये नर्सेस का उच्च शिक्षा हेतु आयु बंधन हटाया जाये एवं मेल नर्स को समान अवसर दिये जाये। कोरोना काल में अस्थाई रूप से नर्सेस को नियमित किया । एवं प्राईवेट कम्पनी से लाई गई नसों को भी उनकी योजनाओं के अनुसार नियमित किया जाये कोरोना काल में उनके योगदान को भी भुलाया नही जा सकता। म.प्र . में कार्यरत नर्सेस को एक ही विभाग में समान कार्य के लिये समान वेतनमान दिया जाये। वर्षों से लंबित पड़ी पदोन्नति को शुरू करते हुये नर्सेस की पदोन्नति की जाये और नर्सेस को डेजिग्नेशन प्रमोशन दिया जाये एवं अन्य राज्यों की तरह नर्सेस के पद नाम परिवर्तित किये जाये, मेल नर्स की भर्ती की जाये।, स्वशासी में पदस्थ नर्सेस को वाँ पे कमीशन का लाभ सन् 2018 के बजाह सभी कर्मचारियों की भाति सन् 2016 से दिया जायं।, शासकीय नर्सिंग कॉलेज व स्कूल में अध्ययनरत छात्राओं को कलेक्ट्रट रेट पर मानदेय दिया जाय लागत 18 हजार रूपये माह किया जाये। वही नर्सेस एसोशिएशन म.प्र . 11720 बड़े दुख के साथ आंदोलन की घोषणा कि है क्योकि एसोशिएशन में शासन व प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिये विरोध सप्ताह में छोटे-छोटे चरण बिना सरकारी कार्य में बाधा डाले किये। जिससे हमारी मांग भी शासन व प्रशासन तक पहुंच जाये और मरीजों को भी परेशानी न हो शासन व प्रशासन के पास शायद नर्सेस की मांगों पर विचार करने के लिये समय नहीं है। इससे वह अपने आप को अपेक्षित महसूस कर रही है व आंदोलन की राह पर जाने को विवश होंगे। यदि आंदोलन से किसी को किसी भी प्रकार की परेशानी होती तो उसकी समस्त जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। जिला अस्पताल के बाहर आज बुधवार से ही समस्त नर्सेस अनिश्चित कालीन हड़ताल पर रहेगी।

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