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देवरी कलां।वैशाख शुक्ल गंगा सप्तमी को भगवान श्री चित्रगुप्त जी का प्रकट उत्सव मनाया गया

संवाददाता  कमलेश खरें

देवरी कलां। आज की विषम परिस्थितियों के कारण हम सभी लोगों मंदिर में एकत्रित होकर भगवान चित्रगुप्त का उत्सव नहीं माना पा रहे हैं देवरी अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के अध्यक्ष एडवोकेट श्री सुधीर श्रीवास्तव ने हम सभी चित्रांश भाइयों से अपील की है कि इस महामारी में भगवान श्री चित्रगुप्त जी की पूजा अर्चना अपने अपने घरों में रहकर ही की जाए तथा दुनिया का लेखा-जोखा रखने वाले आराध्य देव भगवान चित्रगुप्त जी का पूजा अर्चना एवं हवन पूजन कर भगवान श्री चित्रगुप्त जी की आरती की गई ऐसा पौराणिक कथा अनुसार भगवान रुद्र शंकर के बाद भी सृष्टि का कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पाया है इस लिए धर्मराज ब्रह्मा के पास गए और निवेदन किया कि सृष्टि का लेखा जोखा हो सके इसलिए 1000 वर्ष ब्रह्मा जी ने साधना में लीन हो गए तब श्री चित्रगुप्त भगवान अठारवे मानस पुत्र के रूप में तीन शक्तियां ब्रह्मा विष्णु सदाशिव से युक्त श्री चित्रगुप्त भगवान उत्पन्न हुई है भगवान चित्रगुप्त हाथों में कलम दवात तथा पुस्तक लिए हुए हैं आज सभी चित्रांश भाइयों ने शासन की गाइडलाइन का पालन किया एवं भगवान चित्रगुप्त जी से प्रार्थना की कोरोना संक्रमण जैसी महामारी से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की इस दौरान अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के सचिव कमलेश खरें पत्रकार ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी चित्रांश भाइयों ने श्री चित्रगुप्त जी की पूजा अपने अपने घरों से की है।

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