देवरी कलां – आरएम की मिलीभगत से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्रीमियम की अधिक राशि निजी कंपनी को दी

कमलेश खरें की रिपोर्ट
आरएम की मिलीभगत से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्रीमियम की अधिक राशि निजी कंपनी को दी
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा टड़ा से यह घपला उजागर हुआ किसान और सरकार लाखों रुपए की क्षति, कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश सागर जिले की केसली तहसील अंतर्गत सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा टडा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों के केसीसी खातों से साल में दो बार खरीफ और रबी के सीजन में प्रीमियम राशि शासन के निर्धारित रेट पर बैंकों के द्धारा काटी जाती है। किंतु टड़ा शाखा में शासन के नियमों को दरकिनार कर अपने ढंग से मनमाने तरीके से किसानों के खातों से राशि काटी गई है जिससे किसान और सरकार दोनों को लाखों रुपए का लाखों रुपए की क्षति पहुंचाई गई नियम यह है कि यदि किसी किसान की एक हेक्टेयर सोयाबीन की फसल का बीमा किया जाना है तो किसान के खाते से वर्ष 2019 में रुपये 487.5 एवं शासन से 5118.75 रुपया लिया जाएगा। एवं वर्ष 2020 में किसान से 660 रुपये एवं शासन से 4620 रुपये लिया जाएगा। सेंट्रल बैंक की टडा शाखा में बैंक प्रबंधन ने ऐसा कमाल किया है की किसानों के नाम पर इतनी जमीन ही नहीं है जितना कि बैंक के द्धारा प्रीमियम काटा गया है। केवलारी निवासी संतोषरानी सोनी के नाम पर मात्र 0.8 हेक्टेयर जमीन है बैंक ने 2 वर्षों में इनके खाते से 2.42 हेक्टेयर का प्रीमियम काटा है जिससे किसान को 2334 रुपये का और शासन को 18424 रूपते का नुकसान हुआ है। इसी तरह केवलारी के दूसरे किसान विनोद जैन के नाम पर मात्र 1.58 हेक्टेयर जमीन है किंतु बैंक ने इनके खाते से 4.02 हेक्टेयर जमीन का प्रीमियम काटा है जिससे किसान को 2787 रुपये का और शासन को 23680 रुपये का नुकसान हुआ है। आरटीआई कार्यकर्ता एवं ग्रामीण अधिकार संगठन मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष धनीराम गुप्ता को जब इस गड़बड़ी का पता चला तो उन्होंने क्षेत्र के लगभग 25 किसानों से संपर्क किया जिनके किसान क्रेडिट कार्ड सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा टडा के द्वारा जारी हुए है। पासबुक को देखकर दंग रह गए कि किसी भी पासबुक से फसल बीमा प्रीमियम की राशि नियमानुसार नहीं काटी गई। उन्होंने कलेक्टर महोदय सागर एवं देवरी विधायक पूर्व कैबिनेट मंत्री हर्ष यादव को पत्र लिखकर जांच एवं कार्यवाही की मांग की है कि टड़ा सेंट्रल बैंक के द्धारा किसानों के लगभग 3000 क्रेडिट कार्ड तैयार किए गए हैं जिसमें से 18 किसानों की हमने जो सूची तैयार की है उसमें लगभग एक लाख सत्तर हजार रुपए की गड़बड़ी सामने आई है ।अगर इसी औषत से पूरे किसानों का आकलन किया जाए तो लगभग 3 करोड रुपए की गड़बड़ी सामने आ सकती है धनीराम गुप्ता ने मांग की है कि क्षेत्रीय कार्यालय सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया सागर के अधीन सागर जिले में सेंट्रल बैंक की 30 शाखाएं हैं सभी में इस मामले की जांच की जानी चाहिए हो सकता है कि यह गड़बड़ी सभी शाखाओं में सामने आए। इनका कहना है उक्त मामले में जांच चल रही है वर्तमान शाखा प्रबंधक को हटा दिया है चंदन राजा मुख्य प्रबंधक सेंट्रल बैंक सागर


