पांच दिवसीय विश्वकर्मा महापुराण का शुभारंभ
अखाड़े के साथ नगर के मुख्य मार्गो से निकली कलश यात्रा

खुरई ।माघ सुदी त्रियोदशी पर देव श्री विश्वकर्मा भगवान के प्रकटोत्सव के उपलक्ष्य में\पांच दिवसीय विश्वकर्मा महापुराण का आयोजन भूसा मंडी रोड स्थित विश्वकर्मा मंदिर के सामने किया जा रहा है । जिसकी कलश यात्रा रविवार को धूमधाम से निकाली गई । कलश यात्रा विश्वकर्मा मंदिर से प्रारंभ होकर अखाड़े और गाजे बाजे के साथ सागर नाका,नगरपालिका के

सामने से डोहेला मंदिर पहुँचती है। जहाँ महिलाओं ने कलशों में जल भरा । इसके बाद कलश यात्रा झंडा चैक ,परसा चैराहा होते हुए बापिस विश्वकर्मा मंदिर पहुंचकर कलश यात्रा का समापन होता है । पुराण के मुख्य यजमान रतन विश्वकर्मा उषाबाई,दयाराम रामरतिबाई विश्वकर्मा,नारायण प्रसाद उषाबाई विश्वकर्मा,पूरनलाल गौराबाई विश्वकर्मा और नितिन नीतू विश्वकर्मा हैं सभी यजमानों ने श्री विश्वकर्मा महापुराण क पूजा की । अहमदाबाद गुजरात से आये लक्ष्मण शास्त्री जी ने श्री विश्वकर्मा महापुराण के पहले दिन की कथा का वाच
न किया । कथा का आयोजन 21 फरवरी से 25 फरवरी तक रखा गया है ।कथा प्रत्येक दिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगी ।कलश यात्रा में अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासभा ट्रस्ट के राष्ट्रीय युवा मंडल अध्यक्ष दिवाकर विश्वकर्मा,बीना से घन्यश्याम विश्वकर्मा,पंचम विश्वकर्मा, सागर से काशी प्रसाद विश्वकर्मा, सुखदेव विश्वकर्मा,गणेश प्रसाद विश्वकर्मा,खुरई से विश्वकर्मा समाज अध्यक्ष रामस्वरूप विश्वकर्मा, कन्हैयालाल विश्वकर्मा,वृन्दावन विश्वकर्मा, रतन विश्वकर्मा(ठेकेदार),कृपाराम विश्वकर्मा,मोहन विश्वकर्मा मासाब,नाथूराम विश्वकर्मा,नारायण उस्ताद,युवा मंडल अध्यक्ष उमाकांत विश्वकर्मा,महेश विश्वकर्मा,राजेश विश्वकर्मा,फुलसींग विश्वकर्मा,भगवतशरण विश्वकर्मा,गोविन्द विश्वकर्मा,घन्श्याम विश्वकर्मा,मनीया विश्वकर्मा, सहित सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।


