रतलाम। बस संचालक सोमवार को करेंगे प्रदर्शन।लॉकडाउन की वजह से घाटे में चल रहे बस संचालक शासन से मांगेंगे इच्छामृत्यु।
घाटे में बस व्यवसाय।

पवन सोलंकी की रिपोर्ट
लॉकडाउन की वजह से सभी तरह के व्यापार प्रभावित हुए हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट और बस व्यवसाय से जुड़े लोगों की माली हालत खराब होती जा रही है। बस ऑपरेटरों को घाटे के साथ ही डीजल की कीमतों में हो रही वृद्धि की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। इसके बाद लगातार दो वर्षों से घाटे में चल रहे बस ऑपरेटरों ने शासन से इच्छा मृत्यु की अनुमति लेने का मन बनाया है। रतलाम के निजी बस ऑपरेटर सोमवार को कलेक्टोरेट पहुंचकर शासन से इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग करेंगे।दरअसल, जिले के निजी बस ऑपरेटरों ने बसों पर लगने वाले टैक्स में राहत देने के लिए पूर्व में भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग की थी, लेकिन डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और बस के संचालन में होने वाले मेंटेनेंस खर्च, बीमा खर्च और टैक्स की वजह से घाटे में चल रहा है। मयूर टूर एंड ट्रैवल्स के ओम प्रकाश दधीच और लक्ष्मी ट्रैवल्स के संचालक हरीश पुरोहित ने बताया, पिछले 14 माह में सिर्फ 63 दिन बसों का संचालन हो पाया है। ऐसे में डीजल की बढ़ती हुई कीमतें और मेंटेनेंस खर्च के अलावा आरटीओ टैक्स, बीमा, ऋण की किश्त जैसेे खर्चों में शासन द्वारा राहत नहीं दी गई है। इससे लगातार घाटे में चल रहे बस संचालकों के सामने अन्य विकल्प नहीं है। इसके बाद निजी बस संचालकों के साथ वे कलेक्टोरेट पहुंचकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की अनुमति देनेे की मांग करेंगे।


