रतलाम जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार कमी, ब्लैक फंगस का संक्रमित मिलने पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
शहर में ब्लैैक फंगस से संक्रमित मरीज मिलने पर स्वास्थ विभाग मेंं हड़कंप मच गया।

रतलाम से पवन सोलंकी की रिपोर्ट
शनिवार को रतलाम जिले के लिए राहत की खबर के साथ एक चिंताजनक खबर सामने ने आई है। जहा बीते 24 घंटों में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार कमी आई है।
प्रशासनिक बुलेटिन के अनुसार रविवार 15 मई को जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से 244 कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। वही इलाज के दौरान 4 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मृत्यु हो गई है। मृतकों में 2 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल है।
कोरोनावायरस के इलाज के बाद हुवे साइड इफेक्ट के कारण फैल रही बीमारी ब्लैक फंगस का मामला सामने आया है। टीआईटी रोड रतलाम पर रहने वाले स्टेट बैंक के रिटायर्ड बैंक कर्मी विक्रम सिंह चौहान के पुत्र धर्मपाल चौहान को कोरोना हो गया था, जिसका इलाज रतलाम मेडिकल कॉलेज में हुआ इसके बाद यह गायत्री हॉस्पिटल में भी कुछ दिन भर्ती रहे इनका कोरोना तो ठीक हो गया और रिपोर्ट भी नेगेटिव आ गई, किंतु उसके बाद चेहरे पर काफी सूजन आने पर इन्होंने डॉक्टर खंडेलवाल को दिखाया उन्होंने ब्लैक फंगस की शंका व्यक्त करते हुए इंदौर जाने का बोला इंदौर में डॉक्टर तापड़िया जोकि मुंबई हॉस्पिटल के डॉक्टर है उनको दिखाया तो उन्होंने ब्लैक फंगस होने की पुष्टि की और कहा कि हमारे यहां तो सिर्फ गंभीर मरीजों को भर्ती कर रहे हैं, आपका केस प्राथमिक स्टेज वाला है आप चोइथराम में भर्ती हो जाइए। अभी हाल फिलहाल वह चोइथराम हॉस्पिटल में भर्ती है और उनको ब्लैक फंगस के इलाज में लगने वाला इंजेक्शन AMPHOTRET या AMPHONEX 50 Mg की जरूरत होने के कारण और इंजेक्शन इंदौर में उपलब्ध नहीं होने से यह मामला सामने आया संक्रमित का इंदौर में इलाज जारी है।


