विदिशा।मास्क सेनेटरी नैपकिन, पीपीई किट बनाकर आत्म निर्भर होती महिलाएं
स्व सहायता समूह की महिलाओं ने खोजा आपदा में अवसर

विदिशा से नीतीश श्रीवास्तव की रिपोर्ट
स्व सहायता समूह के द्वारा निर्मित सामग्रियों की क्षेत्र में मांग बढ़ी
एक तरफ लॉकडाउन ने लोगों के रोजगार छीन लिए हैं वही दूसरी तरफ इसी कोरोना कर्फ्यू में विदिशा विकास खंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों में संचालित स्व सहायता समूह से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं मास्क, सैनिटाइजर, सेनेटरी नैपकिन, साबुन और पीपीई किट बनाकर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, समूह से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि कोरोना कॉल में भी वह रोज 250 रुपए से लेकर 500 रू तक प्रतिदिन कमाई कर रही हैं कोरोना संक्रमण के चलते इन दिनों मास्क और पीपीई किट की डिमांड बड़ी है खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों द्वारा मनरेगा के तहत निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों को भी ग्राम पंचायतें मार्क्स और सैनिटाइजर उपलब्ध करा रही है जिसके चलते इनकी मांग बढ़ रही है इस सामग्री को मिशन के माध्यम से ग्राम पंचायतों के अलावा अन्य सरकारी कार्यालयों में बेचा जा रहा है कई ग्राम पंचायतें सीधे समूह से ही सामग्री खरीद रही हैं।
गौरतलब है कि विभिन्न स्व सहायता समूह द्वारा बड़ी संख्या में मास्क पीपीई किट सैनिटाइजर और सेनेटरी नैपकिन निर्मित कर सप्लाई हो चुके हैं
ग्राम सुनपुरा दीया बाती स्व सहायता समूह की पूजा शिल्पकार बताती है कि हमारी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी लेकिन जब से समूह से जुड़े हैं हमारी आर्थिक स्थिति में खासा सुधार हुआ है अब हम रुपयों के लिए पति या अन्य परिजन पर निर्भर नहीं रहते हैं कोरोना संक्रमण की इस संकट की घड़ी में भी हम रोजगार से लगे हैं माक्स सैनिटाइजर पीपीई किट आदि बना रहे हैं जिसकी ग्राम पंचायतों में अच्छी डिमांड है हमें रोजगार से लगा देखकर अन्य महिलाएं भी रोजगार के लिए संपर्क में आ रही हैं।
स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने बताया कि जिला सीईओ नीतू माथुर के सहयोग एवं प्रेरणा से हम महिलाएं आर्थिक रूप से सदृढ़ होकर आत्मनिर्भर हो रहे है।


