अब फसल क्षति होने पर किसानों को मिलेगी न्यूनतम पांच हजार रुपए की सहायता

मप्र सरकार शायद देश की ऐसी पहली सरकार है, जिसकी प्राथमिकता में हमेशा से ही किसान कल्याण रहा है। यही वजह है कि सरकार उनके हित में लगातार न केवल योजनाएं बनाती रहती है बल्कि उनके क्रियान्वयन पर भी पूरा फोकस करती है। इसी तरह का अब एक और कदम प्रदेश सरकार द्वारा फसल क्षति की सहायता के लिए उठाया गया है। इसके तहत अब फसल क्षति के मुआवजे के रुप में न्यूनतम पांच हजार रुपए की राशि देने का प्रावधान कर दिया गया है, जबकि अब तक कई बार तो किसानों को यह राशि 10 से लेकर 20 रुपए तक मिलती रही है।
दरअसल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से फसलों को नुकसान होना सामान्य है। इसके लिए अब सरकार द्वारा आरबीसी के प्रावधानों के नियमों में संशोधन कर दिया है। दरअसल यह मामला बीते लंबे समय से लंबित था , लेकिन इस मामले में लगातार हो रही सरकार की फजीहत के बाद आखिरकार सरकार की नींद खुली और उसने उसमें संशोधन कर दिया। इस साल सरकार द्वारा किसानों को फसल बीमा के रुप में अब तक 7669 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है, इसके बाद भी उसे विपक्ष की आलोचनाओं का शिकार होना पड़ रहा था। इसकी वजह है किसानों को 100 रुपए से भी कम की बीमा राशि का भुगतान होना।
राज्य सरकार बनाने जा रही अपनी कंपनी
इस मामले में अब राज्य सरकार अपनी खुद की फसल बीमा कंपनी का गठन करने पर काम कर रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री के सामने प्रेजेंटेशन भी दिया जा चुका है। कंपनी के गठन के लिए शुरू में कम से कम 100 करोड़ रुपए की अंश पूंजी राज्य सरकार द्वारा दिए जाने का प्रावधान किया जा चुका है, लेकिन इसे पर्याप्त न मानते हुए इसकी अंश पूंजी में बढ़ोतरी की जरूरत बताई जाने पर अब उसके गठन के बाद अंश पूंजी में वृद्धि करने पर सहमति बनी है। दरअसल प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करने की जिम्मेदारी किसी कंपनी की होती है फसल बीमा के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलाकर कुल 90 फीसदी अंश देती है इसमें दोनों की भागीदारी 45-45 फीसदी होती है। इसमें किसानों को भी 10 फीसदी अंश देना होता है। गौरतलब है कि बीते साल मई में राज्य सरकार ने बीमा कंपनियों को 2200 करोड़ों रुपए प्रीमियम का भुगतान किया था। इसके बाद फसल क्षति के रूप में कंपनी द्वारा प्रदेश के 14 लाख 93 हजार 171 किसानों के खाते में 2990 करोड़ रुपए की राशि दी गई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आॅनलाइन तरीके से फसल बीमा की इस राशि का भुगतान किया था यह राशि सीधे किसानों के खाते में पहुंची। किसानों को इस राशि का पिछले 2 वर्षों से इंतजार था । प्रदेश के 8 लाख 33 हजार 171 किसानों की फसल की बीमा राशि के रूप में एक हजार 930 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया गया वहीं 6 लाख 60 हजार किसानों को रवि फसल की बीमा राशि के रूप में एक हजार 60 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया गया था।
कई किस्तों में 7669 करोड़ का भुगतान
बीते साल सितंबर में प्रदेश के 37 लाख से अधिक किसानों के खाते में 4688 करोड़ 51 लाख रुपये की राशि का फसल बीमा के रूप में भुगतान किया गया। प्रदेश में 61.09 लाख हेक्टेयर क्षेत्र की फसलों का बीमा कराया गया था। इसके लिए बीमा कंपनियों को 2488 करोड़ 69 लाख रुपये के प्रीमियम का भुगतान किया गया था, उसके बाद भी राज्य सरकार को मुश्किल का सामना करना पड़ा। इस दौरान कई किसानों के खाते में दस-बीस रुपए ही पहुंचे थे। प्रदेश में इस वर्ष अब तक किसानों को फसल बीमा के रूप में अब तक कई किश्तों में 7669 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, लेकिन अब नियमों में बदलाव के बाद किसानों को कम क्षेत्र में भी फसलों के नुकसान पर कम से कम पांच हजार रुपए तो मिलेंगे ही। यदि अधिक क्षेत्र में फसलों को नुकसान हुआ तो फिर उससे अधिक सहायता राशि भी मिलेगी। बदले गए नियम अगले सीजन से लागू करने की तैयारी है।


