वैलेंटाइन डे पर शिवसेना का कड़ा विरोध, सिविल लाइन में हुई अनोखी विरोध प्रदर्शन

रिपोर्टर: आशीष तिवारी
वैलेंटाइन डे के खिलाफ शिवसेना का विरोध इस बार और भी जोरदार हुआ। सिविल लाइन स्थित पहलवान बाबा मंदिर प्रांगण में आज शिवसेना ने एक अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। पुजारियों और पुरोहितों से वैदिक मंत्रोच्चारण विधि से अश्लीलता और फूहड़ता को बढ़ावा देने वाले प्रेमी जोड़ों को सबक सिखाने के लिए लठ्ठों से दंडपूजन किया गया। इस दौरान शिवसैनिकों ने “जहां मिलेंगे बिट्टू सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना” जैसे जोशीले नारे भी लगाए, जिनसे विरोध की शक्ति और संकल्प स्पष्ट दिखाई दिया।
वैलेंटाइन डे: एक विदेशी रिवाज का विरोध
शिवसेना के उप राज्य प्रमुख पप्पू तिवारी ने इस प्रदर्शन के दौरान कहा, “हम हर साल वैलेंटाइन डे का विरोध करते आ रहे हैं। इस साल हमने फरवरी के पहले ही सप्ताह से ‘रोज डे’, ‘टेडी डे’ जैसे पश्चिमी रिवाजों का विरोध करना शुरू कर दिया था। हम वैलेंटाइन डे को लेकर जागरूकता फैला रहे हैं और साथ ही, होटल, रेस्टोरेंट और कैफे संचालकों को लिखित चेतावनी भी दी है कि इस दिन अश्लील और फूहड़ कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएं।”
संस्कृति की रक्षा: शिवसैनिकों का सशक्त अभियान
वैलेंटाइन डे के नाम पर पश्चिमी सभ्यता के बढ़ते प्रभाव से चिंतित शिवसेना ने अब इस मामले में कठोर कदम उठाने की बात कही है। पप्पू तिवारी ने यह भी कहा कि अगर 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाने वाले लोग फिर से दिखाई दिए, तो शिवसैनिक उनसे उसी कठोरता से निपटेंगे, जैसे आज लठ्ठों को सरसों का तेल पिलाकर समझाया गया। “हम उन लोगों को बक्सा नहीं जाने देंगे जो हमारी सनातन संस्कृति को दूषित करने का प्रयास करते हैं,” पप्पू तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा।
जागरूकता अभियान: पोस्टर और चेतावनियाँ
शिवसेना ने जगह-जगह पोस्टर चस्पा कर युवाओं को इस पश्चिमी रिवाज के खिलाफ जागरूक किया है। उनके अनुसार, यह सब सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए किया जा रहा है। शिवसेना का मानना है कि विदेशी रिवाजों को अपनाकर भारतीय संस्कृति को नुकसान पहुँचाया जा रहा है, और इसे लेकर वे पूरी तरह से सजग हैं।


