जुन्नारदेव(छिंदवाड़ा)-करंट लगने से प्रतिभाशाली युवक की दर्दनाक मौत युवक की अप्रत्याशित मौत को लेकर गांव में शोक, ग्रामीणों में आक्रोश मप्रविमं कार्यालय के समक्ष शव रखकर ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग जुन्नारदेव थाना अंतर्गत ग्राम बिलावरकला का मामला|
ज्ञानेश्वर विश्वकर्मा की रिपोर्ट
जुन्नारदेव-
बीते शुक्रवार को एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना के तहत ग्राम बिलावरकला के एक 22 वर्षीय प्रतिभाशाली युवक अरुण यदुवंशी की ज़मी पर झूलती 11 केवी की विद्युत तारों की चपेट में आ जाने से दुखद मृत्यु हो गई। इस प्रतिभाशाली युवक अरुण यदुवंशी की अचानक हुई इस मौत के चलते जहां ग्राम बिलावरकला में शोक छा गया तो वही ग्रामीणों में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश फैल गया। पुलिस को उक्त हादसे की सूचना मिलते ही मौका स्थल पर पहुंचकर पंचनामा कर शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया था। जुन्नारदेव पुलिस ने मर्ग कायम कर इस मामले को अब जांच में लिया है। यह है घटनाक्रम-
हर दिन की तरह शुक्रवार को प्रातः लगभग 10 बजे युवक अरुण यदुवंशी पिता सरवन यदुवंशी अपने घर के साथ लगे खेत में घूमने के लिए पहुंचा, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से वह इसी दिन 11 केवी की जमीन से कुछ ही उचाई पर झूलती विद्युत तारों की चपेट में आ गया। जमीन पर अचेत अवस्था में गिर चुके अरुण यदुवंशी को ग्रामीणों के देखे जाने के उपरांत उसे स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस के द्वारा इस मामले में स्थल पर पहुंचकर पंचनामा कर शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। युवक की अप्रत्याशित मौत से ग्रामीणों में रोष, किया विद्युत मंडल कार्यालय का घेराव- अपने गांव के इस होनहार युवक अरुण यदुवंशी पिता सरवन यदुवंशी (उम्र 22 वर्ष) की हुई अचानक मौत के बाद ग्राम बिलावरकला के ग्रामीणों में खासा रोष व्याप्त हो गया और वह इस युवक की मृत्यु के लिए सीधे तौर पर मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के स्थानीय अधिकारियों को जिम्मेदार मान रहे हैं। दरअसल इस संदर्भ में पता चला है कि ग्रामीणों के द्वारा इस 11 केवी की विद्युत लाइनों के लगातार झूलने की शिकायत विभागीय स्तर तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में भी की गई थी, लेकिन बावजूद इसके विभाग के द्वारा कोई समाधान नहीं किया गया था। इस संदर्भ में ग्रामीणों का साफ कहना है कि विद्युत मंडल के अधिकारियों के द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत कर दिए जाने से बौखला कर प्रतिशोध की कार्रवाई करते हुए उन पर ही रुपए एक लाख का जुर्माना ठोक दिया गया था। इस मामले में गौरतलब है कि विद्युत विभाग के द्वारा प्रत्येक वर्ष लाखों रुपए का मेंटेनेंस कार्य किया जाता रहा है, लेकिन इस 11 केवी विद्युत लाइन में सेपरेटरो का ना होना बड़ी लापरवाही एवं घोटाले को सिद्ध करता है। इसको लेकर भी ग्रामीणों में खासा आक्रोश है। यही कारण था कि पोस्टमार्टम के उपरांत अंत्येष्टि के लिए ग्राम विलावरकला जाते हुए ग्रामीणों ने स्थानीय विद्युत मंडल के कार्यालय का घेराव कर दिया। लगभग यहां 1 घंटे तक हंगामा होता रहा। घटना की सूचना मिलने के बाद तहसीलदार सुश्री रेखा देशमुख और नगर निरीक्षक मुकेश द्विवेदी ने मोर्चा संभाल कर ग्रामीणों को अंतिम संस्कार कर लिए जाने के लिए राजी कर लिया और उन्हें इस बात का आश्वासन दिया कि दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इस हंगामे के दौरान मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के कार्यालय में आश्चर्यजनक रूप से कार्य अवधि के दौरान जंजीरयुक्त ताला लगा दिए जाने की भी खासी चर्चा रही। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर इस हादसे के लिए मप्रविमं के अधिकारियों को जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ नामजद एफआईआर करते हुए भादवि की धारा 304 (लापरवाही के कारण मौत) का मामला दर्ज करने की मांग स्थानीय अधिकारियों से की है। उधर मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के अधिकारियों का यह कहना है कि बीते दिवस क्षेत्र में हुई तेज बारिश के चलते यह विद्युत तार जमीन को छूने लगा था, हालांकि इसके लिए विभाग के द्वारा इस समस्या के निराकरण हेतु एस्टीमेट तैयार कर उनके छिंदवाड़ा एवं जबलपुर स्थित कार्यालय को भेज दिया गया है, जिस पर कार्य स्वीकृति एवं कार्यादेश अभी आना शेष है।क्रिकेट का बड़ा खिलाड़ी बनना चाहता था अरुण-
ग्रामीण परिवेश में एक सचिव पिता के घर में पैदा हुआ अरुण यदुवंशी पर क्रिकेट का जुनून सवार था। उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहा और अकादमिक शिक्षा में हमेशा ही अग्रता हासिल करने वाला अरुण यदुवंशी ने स्थानीय सहित प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय स्तर की कई क्रिकेट प्रतियोगिताओं में अपना हुनर दिखा दिया था। उसका यह सपना था कि वह क्रिकेट में एक बड़ा खिलाड़ी बनकर अपने गांव बिलावरकला तथा जिले का नाम रोशन कर सके, लेकिन उसके इस सपने के साकार होने के पहले ही अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से अरुण का भाग्य उदय होने के पूर्व ही अस्त हो गया। क्षेत्रवासियों के लिए यह अत्यंत दुखद रहा कि एक खेल प्रतिभा निखरने के पहले ही बिखर गई। लापरवाही की इस एक बड़ी घटना ने क्रिकेट के इस उदयीमान सितारे को चमकने के पूर्व ही अस्त कर दिया।



