Mohan Cabinet Decision : कई महत्वपूर्ण फैसलों को मिली मंजूरी, जानें कौन-कौन से प्रस्ताव हुए पास
कैबिनेट बैठक से पहले मंत्रियों के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि भोपाल में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और समापन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आने की मंजूरी मिल चुकी है।

Mohan Cabinet Meeting Decision 2025 : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण नीतियों और प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा, प्रयागराज महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं।
ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2025
कैबिनेट बैठक में घोषणा की गई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 फरवरी को छतरपुर में कैंसर अस्पताल का भूमि पूजन करेंगे और अगले दिन 24 फरवरी को भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का शुभारंभ करेंगे। समिट का समापन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। समिट के लिए तैयारियाँ जोरों पर हैं, और इसके सफल आयोजन के लिए नई दिल्ली में 12 फरवरी को विशेष बैठक आयोजित की जाएगी।
प्रयागराज महाकुंभ के लिए व्यवस्थाएँ
प्रयागराज महाकुंभ में जाने वाले मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए ठहरने, भोजन, और चिकित्सा व्यवस्था की गई है। रीवा, मैहर, सतना, मऊगंज, और सीधी में श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिनमें भोजन, दूध, बिस्किट और अन्य आवश्यक सेवाएं शामिल हैं। महाराष्ट्र सीमा पर भी श्रद्धालुओं और वाहनों के आवागमन का प्रबंधन किया जा रहा है।
नवीन नीतियों और फैसलों की मंजूरी
कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण नीतियों को मंजूरी दी गई:
- सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी
- मध्य प्रदेश फिल्म पर्यटन नीति
- नए उद्योग संवर्धन नीति – इसके तहत 10 नई नीतियों को मंजूरी दी गई।
- नए एक्सपोर्ट पॉलिसी और पंप स्टोरेज नीति की स्वीकृति भी दी गई।
- मप्र में निवेशकों को 200 करोड़ तक की मदद – निवेशकों को सहायता देने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं।
आर्थिक योजना और रोजगार सृजन
कैबिनेट बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अगले पांच वर्षों में प्रदेश में 13,179 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे और 20 लाख नए रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। इसके लिए लॉजिस्टिक क्षमता बढ़ाने और उद्योगों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से कई नई नीतियाँ बनाई गई हैं।


