कोरोना कर्फ्यू में शराब की विक्री जोरों पर ,तस्करी रोकने मे देवरी पुलिस नाकाम

देवरी कलां से कमलेश खरे की रिपोर्ट
देवरी क्षेत्र के ढावों पर धडल्ले से अवैध शराब का विक्रय जोरो से किया जा रहा है। वहीं लाकडाउन के चलते यह कारोबार जमकर फल फूल रहा है क्षेत्र के अधिकतर ढांवो पर शराब का विक्रय बिना किसी पुलिस के डर से किया जा रहा है। वहीं क्षेत्र के हर गांव एवं मोहल्ले मे अवैध शराब खुलेआम बेची जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर के हर वार्ड एवं क्षेत्र के हर गांव में लाकडाउन मे शराब आसानी से उपलब्ध हो रही है। वहीं शराब की विक्री धडल्ले से की जा रही है शराब की विक्री करने वालों मे पुलिस का जरा सा भी डर नहीं है। सूत्रों द्वारा
बताया जा रहा है कि लाकडाउन मे यह शराब आसानी से उपलब्ध हो रही है और गांव गांव मे शराब पहुचाई जा रही है। चाहे अग्रेंजी शराब की बात हो या देशी शराब की बात हो दोनों प्रकार की शराब लाकंडाउन में उपलब्ध हो रही है।
वही अग्रेजी शराब दुकान के आसपास शाम के सात बजें ही शराब लेने वालो को देखा जा सकता है। अब समझ से परें यह है कि जब लाकडाउन मे सभी शराब दुकानें बंद है तो इन शराबियों को शराब कौन के द्बारा उपलब्ध करा जा रही है।
लाकडाउन मे लोगों को आसानी से शराब उपल ब्ध होना क्षेत्र में जनचर्चा का विषय बना हुआ है और लगातार पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं
रात्रि में धडल्ले से हो रही शराब का परिवहन
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर मे शराब से भरी फोर व्हीलर गाडियां रात्रि 11 बजे के बाद सड़कों पर दौड़ रही है। इन फोर व्हीलर गाडिय़ों के माध्यम से क्षेत्र के हर गांव मे शराब पहुचाई जा रही है। लोगों का कहना है कि पुलिस के द्वारा रात्रि गस्त भी नहीं की जा रही है. जिससे कि अवैध शराब से भरें फोर व्हीलर वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस महकमा अवैध शराब की विक्री रोकने मे नाकाम साबित है
लेकिन लाकडाउन मे अग्रेजी शराब की दुकान पर नहीं है सरकारी सील
जहां लाकडाउन मे सरकार के द्वारा सभी शराब दुकानों पर सरकारी सील लगाने के आदेश हो गए थे परंतु नगर की अग्रेंजी शराब दुकान के किसी भी ताले पर सरकारी सील नहीं लगी है।
वहीं आबकारी के अधिकारी के मुताबिक लाकडाउन के समय जिले की सभी शराब दुकानों पर सरकारी सील लगाई गई थी परंतु देवरी की शराब दुकान की सील क्यों नहीं है यह आश्चर्य का विषय है।
वही पर छोटी मछलियां पुलिस की पकड़ से बड़ी मछलियों पर पुलिस हाथ नहीं डाल रही है वहीं
बताया जा रहा है कि क्षेत्र में जो एक दो पेटी रखकर शराब का विक्रय करते हैं पुलिस केवल उन्हीं पर हाथ डाल रही है।वहीं इस खेल में जो बडे बडे कारोबारी है वह पुलिस की पकड से बाहर है।बताया जा रहा है कि पुलिस कभी कभार आठ एवं दस पांव की जप्ती बनाती रहती है।जिससे कि क्षेत्र में लगे पुलिस कुछ कार्यवाही कर रही है वहीं अगर क्षेत्र की बात करे तो जो अवैध शराब के बडे बडे कारोबारी है वह पुलिस की पकड़ से बाहर रहते हैं
मुखबिर तंत्र कमजोर, इसलिए सक्रिय हैं अवैध शराब” कारोबारी
बताया जाता है कि देवरी थाने मे एक पदस्थ आरक्षक को सूचना संकलन मे लगाया गया है वहीं आरक्षक थाना क्षेत्र के आसपास ही धूमते दिखाई देते हैं कभी वह क्षेत्र मे जाते ही नहीं है जिससे कि पुलिस को सूचनाएं सही उपलब्ध नही हो पाती है।
वहीं आश्चर्य की बात है कि सूचना संकलन मे लगा चाहें कोई भी आरक्षक हो वह यूनिफार्म नहीं पहन सकता परंतु देवरी थाने में सूचना संकलन मे लगे आरक्षक कभी कभी सडकों पर यूनिफॉर्म मे दिखाई देते हैं।


