मध्यप्रदेश

कोरोना के खिलाफ जंग जीत घर लौटे युवक ने कहा- इस जंग के सबसे बड़े योद्धा हैं डाक्टर

सभी डॉक्टर मेरा हौसला बढ़ाते रहे और मुझे प्यार से समझाते रहे सहलाते रहे दिलासा देते रहे। यह उनके प्यार और उनकी लगन का ही नतीजा है कि मैं उस तनाव से बाहर आ गया

आरोन से दिलीप ओझा की रिपोर्ट

गुना/ कोरोना वायरस को हराकर घर लौटे आरोन के एक युवक के लिए जिंदगी की यह नई सुबह है। लेकिन महामारी के इस अंधेरे के बीच उम्मीद की जो असली किरण है वह डॉक्टर हैं। उनके बिना कुछ संभव नहीं है। कोरोना से जंग के विजेता के मुताबिक सबसे बड़े योद्धा तो डॉक्टर हैं। उन्होंने जिस तरह से मुझे संभाला, मुझे हिम्मत दी और मेरा ख्याल रखा, इसके लिए मैं जीवन भर उनका शुक्रगुजार रहूंगा। इसी के साथ युवक के परिजनों द्वारा हॉस्पिटल स्टाफ का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया और हॉस्पिटल परिसर में पौध रोपण व फल वितरित किये साथ ही बताया कि आज मैं अस्पताल से निगेटिव टेस्ट लेकर ही नहीं, बल्कि पॉजिटिव सोच लेकर रुखसत हुआ हूं।

कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाला यह युवक जो मंगलवार को ठीक होकर आरोन के सिविल अस्पताल से घर आया । आरोन में ही रहने वाले इस युवक ने बताया कि वह सब्जी विक्रेता है। कुछ दिनों पहले, गले में खराश महसूस हो रही थी, जैसे अमूमन नजला व जुकाम में होती है। वह बताता है, मैं मोहल्ले के एक डॉक्टर के पास गया। उसने मुझे खांसी की दवाई तो दी, लेकिन जांच कराने की सलाह दी। दो दिन तक खांसी की दवाई ली, लेकिन जब कोई सुधार नहीं हुआ तो मेरे एक दोस्त ने चेस्ट डिजीज अस्पताल जाने की सलाह दी। मैं पापा के साथ वहां गया तो डॉक्टरों ने चेकअप कर मुझे फौरन अस्पताल में भर्ती कर लिया गया।

 

 

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