कोरोना महामारी को मजाक बनाकर रख दिया है दुआरी गाँव के व्यापारी गुप्ता बन्धुओं नें…???

लोकेशन -: रीवा गुढ़ दुआरी
पिछले वर्ष भी खुलेआम दुकान खोलकर शासन-प्रशासन को चुनौती देते हुए आदेशों की उड़ाते थे धज्जी
शासन के आदेशों की अवहेलना करनें बाले इन इकलौते गुप्ता व्यापारियों पर कार्यवाही क्यों नहीं कर रहा शासन-प्रशासन ????
वर्तमान समय में कोरोंना महामारी नें अपना विकराल रूप धारण कर लिया है।प्रतिदिन हजारों-सैकड़ों लोग आसामयिक काल के गाल में समाहित हो रहे हैं।शासन-प्रशासन द्वारा कोरोना महामारी पर काबू पानें के लिए हर तरह के हथकण्ड़े अपनाए जा रहे हैं फिर भी ये वैश्विक महामारी दिन-प्रतिदिन उग्र रूप धारण कर रही है और आम जन-मानस में त्राहिमाम कोहराम मचा हुआ है।सड़कों,गलियों,चौराहों,गाँवों-शहरों में सन्नाटा फैला हुआ है,लोग अपनें-अपनें घरों में कैद हैं।शासन-प्रशासन नें पूर्ण लाकड़ाउन का ऐलान कर दिया है जो कि एक उचित फैंसला है किन्तु वहीं दूसरी तरफ कुछ स्वार्थी व लालची प्रवृत्ति के लोगों द्वारा खुलेआम शासन-प्रशासन के गाइड़लाइन को ठेंगा दिखाते हुए शासन-प्रशासन को चुनौती देते हुए आदेशों की अवहेलना करते हुए दुकान खोलकर भीड़ एकत्र करके कोरोना जैसी वैश्विक महामारी को खुला आमंत्रण देनें का कार्य किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रीवा जिले के गुढ़ तहसीलान्तर्ग ग्राम दुआरी के रामसागर गुप्ता , विद्यासागर गुप्ता , राजेश गुप्ता रामसजीवन गुप्ता द्वारा लाकडाउन व शासन के आदेशों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही है। उक्त व्यापारियों द्वारा विधिवत सुवह 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक लगातार दुकान खोलकर संचालन किया जा रहा है जिससे गाँव के लोगों में काफी आक्रोश है किन्तु उक्त गुप्ता बन्धुओं को पैसे का इतना गुरूर है कि गाँव-समाज व क्षेत्र के लोगों से कोई मतलव ही नहीं है बल्कि इनके लिए सब कुछ पैसा ही है।आपको बता दें कि पिछले वर्ष भी जब कलेक्टर महोदय रीवा द्वारा पूर्णतः लाकडाउन का ऐलान करते हुए समस्त दुकानें बन्द करनें का ऐलान किया गया था तब भी इन्हीं गुप्ता बन्धुओं द्वारा प्रतिदिन दुकानें खोलकर माननीय कलेक्टर महोदय के आदेशों की अवहेलना की जा रही थी जिसको मीड़िया नें अखवार व चैनलों में प्रकाशित किया था ताकि शासन-प्रशासन तक इन गुप्ता बन्धुओं की करतूत पहुँच सके लेकिन शासन-प्रशासन नें खबरों पर ध्यान नहीं दिया जिससे इन गुप्ता बन्धुओं का हौंसला बुलन्द हो गया और पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी खुलेआम शासन के आदेशों व नियमों को ठेंगा दिखाते हुए खुलेआम चुनौती दिया जा रहा है। यहाँ पर सबसे अहम और विचारणीय बात ये है कि यदि इन गुप्ता बन्धुओं का अनुसरण करते हुए अन्य व्यापारी बन्धुओं द्वारा भी अपनीं-अपनीं दुकानें खोलकर संचालित की जानें लगेगीं तो क्या शासन-प्रशासन इन पर लगाम लगा पाएगा ???????? फिलहाल अब आगे देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इस मामलें को कितनीं गम्भीरता से लेता है और उक्त गुप्ता बन्धुओं पर क्या कार्यवाही करता है या पिछले वर्ष की ही तरह ये व्यापारी अपनें जिद पर विजय पाते हैं ????????????
संवाददाता निखिल पाठक क्राइम हेड़ रिपोर्टर रीवा


