जैन मिलन द्वारा घरों में मनाई गई महावीर जयन्ती पूजन,विधान एवं आरती के साथ बाल महावीर को पालने में भी झुलाया गया

आरोन से दिलीप ओझा की रिपोर्ट
आरौन। सत्य,अहिंसा,अचौर्य,जियो और जीने दो,अनेकांतवाद ,स्यादवाद जैसे सिद्धांतों से जीव जगत के कल्याण की भावना से सभी का पथ प्रदर्शन करने वाले अहिंसा के अग्रदूत जैन दर्शन के 24 वे तीर्थंकर वर्तमान जिन शासन नायक भगवान महावीर स्वामी की जन्म जयंती नगर में कोरोना के कारण इस बार जैन मंदिरों में नहीं मनाई गई। लेकिन इस अवसर पर लोगों ने घरों में ही भगवान की भक्ति की। सामाजिक संस्था जैन मिलन द्वारा कोरोना महामारी की इस विपरीत परिस्थितियों में विगत वर्ष की भांति इस बार भी घरों में ही भगवान महावीर स्वामी की जयंती मनाने का आह्वान किया गया था। जैन मिलन के इसी आव्हान पर जैन श्रद्धालुओं द्वारा घरों में ही महावीर जयंती का कार्यक्रम मनाया गया ।
जैन मिलन क्षेत्र क्रमांक 12 के क्षेत्रीय प्रचारमंत्री एवं प्रवक्ता सुनील झंडा ने बताया कि जैन मिलन के अध्यक्ष प्रदीप चौधरी,शाखा मंत्री गोलू झंडा,महिला जैन मिलन की अध्यक्ष ममता भाईजी,युवा जैन मिलन के अध्यक्ष मुनेश जैन,डॉ.एस.सी. गोयल, विनोद सिंघई,विवेक झंडा,पवन भाईजी द्वारा प्रातः 8 बजे से भगवान महावीर की पूजन एवं विधान किया गया । 48 मिनिट की सामयिकी की भी की गयी। तत्पश्चात अपने अपने घरों के बाहर जैन ध्वज लगाये गए । इस अवसर पर जीव दया की भावना से पक्षियों के लिए दाना पानी की व्यबस्था की गयी।
रात्रि में णमोकार मन्त्र का पाठ किया गया एवं 11 दीपों से महावीर स्वामी की आरती की गयी।
इस पावन अवसर पर बालिकाओं द्वारा घरों के आगे आकर्षक रंगोली भी बनाई गयीं।


