खरीदी केंद्रों में नहीं हो रहा कोरोना गाइड लाइन का पालन सोशल डिस्टेंसिंग-सैनिटाइजर गायब, चेहरों पर नहीं दिखाई देते मास्क

अशोकनगर से ओमप्रकाश रघुवंशी की रिपोर्ट
अशोकनगर। कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, शासन प्रशासन ने गाइड लाइन जारी कर इसका पालन करने को कहा है। इस समय गेहूं खरीदी भी चल रही है। खरीदी केंद्रों में इन परिस्थितियों में न तो कोरोना गाइड लाइन का पालन हो रहा है और न ही अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं। कोरोना के चलते किसान अपनी उपज उपार्जन केंद्रों में बेचने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। बताया गया है कि अप्रैल माह की 1 तारीख से शुरु हुई खरीदी के 12वे दिन तक 129956.35 गेहूं की खरीदी हो सकी है। किसानों को भेजे जा रहे मैसेज भी समय से नहीं पहुंच रहे हैं। किसानों से समर्थन मूल्य गेंहूं खरीदी के लिए बनाए गए खरीद केंद्रों मे से एक भी खरीद केंद्र पर कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं किया जा रहा है। बल्कि किसान और कर्मचारी बगैर मास्क के, बगैर सोशल डिस्टेंसिंग के खरीदने और बेचने में लगे हुए हैं। शासन के निर्देश होने के बावजूद सैनिटाइजर और मास्क खरीदी केंद्रों से गायब हैं।
केन्द्रों पर खरीदी ज्यादा परिवहन कम:
जिले के 77 खरीदी केन्द्रों पर इन दिनों समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की जा रही है। हालांकि कुछ केन्द्रों पर खरीदी की रफ्तार धीमी हो चुकी है, क्योंकि भुगतान में समय लगने के कारण कई किसान मंडी की नीलामी में गेहूं बेच चुके हैं। जबकि कुछ केन्द्रों पर खरीदी अभी निरंतर चल रही है। सभी केन्द्रों पर एक ही समस्या है कि परिवहन समय पर नहीं हो पा रहा है। खरीदी शुरू हुए दो हफ्ते से ज्यादा बीत चुका है। सोमवार को भी कई केन्द्रों पर पांच से लेकर दस हजार क्विंटल गेहूं खुले मैदान में रखा है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब 1499 किसानों से 1 लाख 29 हजार 956 गेहूं खरीदा गया है। इसमें 47341.39 गेहूं का परिवहन हो चुका और 82614 मीट्रिक टन गेहूं खुले मैदान में रखा है। इस तरह लगभग 65 से 70 प्रतिशत गेहूं का परिवहन होना अभी बाकी है। जिले के कई खरीदी केन्द्र ऐसे हैं, जहां सप्ताह में एक बार ही ट्रांसपोर्टरों द्वारा वाहन भेजे जा रहे, जिससे स्टॉक बढ़ता जा रहा है। वहीं पिछले दिन हुई बारिश की वजह से कई केन्द्रों पर खुले में पड़ा हुआ गेहूं भीग गया। बावजूद इसके परिवहन धीमी गति से हो रहा है। खरीदे गए गेहूं की सुरक्षा के किसी प्रकार के इंतजाम नहीं है इतनी बड़ी मात्रा में अनाज की बोरियां खुले आसमान के नीचे पड़ी हुई है।
कट्टी से 100 ग्राम ज्यादा ले तोल रहे वजन:
समर्थन मूल्य खरीदी केन्द्रो पर किसानों की उपज 50 किलो की बोरी के वजन के साथ 100 से 200 ग्राम तक ज्रूादा तौल की जा रही है। किसानों ने बताया कि उनकी उपज 200 ग्राम कट्टी के वजन के साथ 300 से 400 ग्राम ज्यादा तौला जा रहा है। इससे उन्हे प्रत्येक कट्टी पर 100 से 200 ग्राम तक चूना लगाया जा रहा है।


