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छिंदवाड़ा-बापू की प्रतिमा के पास खड़े होकर मृतक कर्मचारियों के परिजनों ने कहा हमसे झूठ मत बोलिए सरकार अनुकंपा नियुक्ति दीजिए

तरुण मेहरा की रिपोर्ट 
बापू की प्रतिमा के सामने खड़े होकर कोरोना से पहले मृतक कर्मचारियों के परिजनों से किए जा रहे अन्याय का मुद्दा उठाया

बापू की प्रतिमा के पास खड़े होकर मृतक कर्मचारियों के परिजनों ने कहा

हमसे झूठ मत बोलिए सरकार अनुकंपा नियुक्ति दीजिए

छिंदवाड़ा। लोकप्रिय सांसद नकुलनाथजी के निर्देश पर असंगठित कामगार कांग्रेस ने कोरोना एवं कोरोना से पहले मृतक कर्मचारियों के परिजनों से किए जा रहे अन्याय का मुद्दा उठाया। बापू की प्रतिमा के सामने खड़े होकर मृतक कर्मचारियों के परिजनों ने एक स्वर से कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह अपनी घोषणा पर कायम रहें और सभी मृतक कर्मचारियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति एवं 5 लाख का मुआवजा दें। कोरोना की पहली और दूसरी लहर में 400 से अधिक कर्मचारियों की मृत्यु हुई है, सभी विभागों में हजारों अनुकंपा के मामले पहले से पैंडिंग हैं, लेकिन 30 अगस्त को उत्सव मनाकर मुख्यमंत्री ने जिले में सिर्फ 5 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति दी है, जो मृतक कर्मचारियों के परिजनों के साथ मजाक और सरकार की असंवेदनशीलता है। कामगार कांग्रेस के जिलाध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने मृत कर्मचारियों की सूची जारी की तथा अनुकंपा के लिए परेशान मृतकों के परिजनों को मीडिया से मिलवाया तथा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथजी ने अनुकंपा आश्रितों के लिए 2 अगस्त को लिखा पत्र भी मीडिया में जारी किया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथजी ने अनुकंपा के मुद्दे को संवेदनशील बताते हुए कहा कि अनुकंपा के पैंडिंग मामलों में तत्काल नौकरी दी जाए। मीडिया से चर्चा करते समय कामगार कांग्रेस के जिला अध्यक्ष वासुदेव शर्मा के साथ बबूल बैस, लवकेश यादव, क्रिक वाणे, भगत उईके सहित कई पदाधिकारी एवं मृतक कर्मचारियों के परिजन राजेश वर्मा, किरण कुमार, संजय यादव, भरत यादव, राजकुमार नेवले, अरविंद साहू, सलमा शेख, मनोहर पवार सहित दर्जनों अनुकंपा आश्रित परिवारों के सदस्य उपस्थित थे। मृत कर्मचारियों के अनुकंपा आश्रित परिवारों के सदस्यों ने तय किया है कि आगामी 6 अगस्त शनिवार को बापू की प्रतिमा पर धरना देकर अनुकंपा की मांग पुन: उठाई जाएगी, जिसमें सभी विभागों के मृत कर्मचारियों के परिजन उपस्थित रहेंगे।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए कामगार कांग्रेस के जिलाध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने कहा कि अप्रैल-मई के कोरोना काल में 300 से अधिक कर्मचारियों की मृत्यु हुई है, जिनके लिए मुख्यमंत्री अनुकंपा एवं अनुग्रह योजना शुरू की गई, इसके तहत 30 अगस्त को नियुक्ति पत्र दिए गए, लेकिन इसकी सच्चाई यह है कि 300 कर्मचारियों की मृत्यु हुई, लेकिन अनुकंपा सिर्फ 5 को दी गई, जिनमें 184 शिक्षकों की मृत्यु ही लेकिन 3 मृत शिक्षकों के परिजनों को अनुकंपा मिली। 5 लाख की अनुग्रह राशि के साथ भी यही हुआ, 5-7 मृत कर्मचारियों के परिजनों को ही यह राशि मिली है, जो यह बताती है कि सरकार मृत कर्मचारियों के परिजनों से झूठ बोल रही है, जिसमें पूरी ब्यूरोक्रेसी शामिल हैं, यह ज्यादा चिंता की बात है। कामगार कांग्रेस के अध्यक्ष ने कहा कि सरकार मृत कर्मचारियों में भी अंतर कर रही है, अनुकंपा मृत कर्मचारी के परिजनों का कानूनी अधिकार है, जिसका लाभ उसे बिना किसी योजना के तत्काल मिल जाना चाहिए, लेकिन जिले में हजारों अनुकंपा के मामले पैंडिंग हैं, जिनमें 15 साल पुराने मामले भी शामिल हैं। एमपीईबी के अनुकंपा आश्रित 15 साल से परेशान हैं, लेकिन अब तक उन्हें अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिली है, इनके लिए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथजी ने हाल ही में ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव को भी पत्र लिखा है। शर्मा ने कहा कि 5 मृतक कर्मचारियों के परिजनों को अनुकंपा का उत्सव मनाना सरकार और ब्यूरोक्रेसी की असंवेदनशीलता, निष्ठुरता एवं मगरूरता को दर्शाता है। शर्मा ने मांग कि प्रशासन कोरोना में मृत कर्मचारियों की विभागवार सूची जारी की जाए, कितने दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों को नौकरी मिली, यह जानकारी सार्वजनिक की जाए, जब सभी लोकसेवकों को अनुकंपा की पात्रता है फिर नियुक्ति से वंचित क्यों रखा जा रहा है, जिले में पैंडिंग अनुकंपा के मामलों में तत्काल नियुक्ति दी जाए।

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