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जल के बगैर कुछ सम्भव नहीं- भद्रपाल गंगवार

 

पीलीभीत:-ललौरीखेड़ा जल हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। जल के बगैर कुछ भी सम्भव नहीं है। प्रकृति में जल ही जीवन है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वारा चौधरी निहाल सिंह डिग्री कॉलेज ऐमी में चल रहे सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के छठे दिन में जल संरक्षण के लिए स्वयंसेवकों को जागरूक किया। जल संरक्षण के लिए जन जागरण से लेकर सरकार भी प्रतिबद्ध है और जल संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। वहीं प्रशिक्षण वर्ग में बौद्धिक के दौरान भद्रपाल गंगवार ने कहा कि हमें सीमित जल का उपयोग करना चाहिए जिससे जल का संरक्षण हो सके। अनावश्यक रूप से जल का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। आधुनिकता में मोटर चलाकर नहाने कपड़े धोने के दौरान तथा वाहन आदि धोते समय जल का अधिकांश भाग दुरुपयोग होता है। नदी तालाब में जानवर फेंककर, कूड़ा कचरा फेंककर जल का प्रदूषण होता। जो आने वाली पीढ़ी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। पृथ्वी पर 75/% जल है। यह सत्य है परन्तु पीने योग्य शुद्ध जल बहुत कम मात्रा में है। कुछ समय पहले गांव में तालाब हुआ करते थे जिनमें बरसात का पानी ठहरता था और जलस्तर ऊपर रहता था। जून में भी तालाबों में पानी रहता था। तालाब में जनमानस से लेकर जानवरों के लिए भी लाभकारी होते थे। पशु पक्षियों के लिए नहाने व पीने के उपयोगी रहता था। वर्तमान परिस्थितियों में नदी, नाले, पोखर सब सूख जाते हैं। जिससे जलस्तर लगातार नीचे गिर रहा है। तालाब को बचाने के लिए सरकार भी लगातार काम कर रही है। सरकार के सहयोग के लिए व स्वयं का जीवन बचाने के लिए हमें जल संरक्षण करना चाहिए। जल का उपयोग कम व सीमित करें और जल का संरक्षण करें। आने वाले समय में जल की इतनी समस्या हो जायेगी कि विश्व स्तर पर युद्ध होने की स्थिति बन सकती है। वर्तमान में भी पीने के लिए पानी खरीदना पड़ रहा है और यहां तक कि जून माह में घरों के नल से पानी आना बन्द हो गया है। जल है तो कल है कहकर अपनी बात पूरी की। कार्यक्रम में जिला कार्यवाह डॉ डालचंद शर्मा, वर्ग कार्यवाह नरेश राजपूत, बिलसंडा प्रचारक रविन्द्र कुमार नन्द, सेवा प्रमुख हरिओम, स्कूल प्रबंधक दिग्विजयसिंह, जिला सेवा प्रमुख राजीव शुक्ला, छेदालाल, युगल किशोर आदि लोग मौजूद रहे। प्रशिक्षण वर्ग के मुख्य शिक्षक दियोरनिया निवासी प्रेमपाल हैं।

मण्डल ब्यूरो अखलेश कुमार शर्मा की रिपोर्ट

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