जुन्नारदेव।कोरोना कर्फ़्यू के दौरान शहर में पसरा सन्नाटा
गलियां सूनी, सड़को और चौक पर दिखी शांति बाजारों में नीरवता, मोहल्लों में चुप्पी

जुन्नारदेव से ज्ञानेश्वर विश्वकर्मा की रिपोर्ट
शहर के प्रमुख चौक और सड़कों पर पुलिस का पहरा
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियो का सतत सघन निरीक्षण
जुन्नारदेव-लगातार 54 दिनों के कोरोना कर्फ्यू के बाद शुरू हुई अनलॉक की प्रक्रिया के बाद आज पहला रविवार को सप्ताहिक कोरोना कर्फ्यू के अवसर पर शहर सन्नाटे में डूबा रहा। आज जुन्नारदेव नगर के प्रमुख सड़क और चौक पर अपेक्षाकृत रूप से शांत रहा। शहर की गलियां सूनी रही। बाजार की दुकानों में ताले लटके रहे। अधिकतर लोग अपने घरों में दुबके रहे।
वही दूसरी ओर आज शहर की प्रमुख सड़कों और चौक पर पुलिस का पहरा बना रहा। स्थितियों का निरीक्षण करने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के वाहन का काफिला शहर की सड़कों पर सायरन बजाता दौड़ता रहा।
गौरतलब है कि प्रदेश में गत 1 जून से कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में आई कमी के बाद बाजार को क्रमश: क्रमश: अनलॉक किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश के गृह मंत्रालय एवं जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रत्येक सप्ताह के रविवार को कोरोना को भी लागू किया गया है। इसी के चलते आज बाजार की दुकानों में ताले लटके रहे और आमजन सहित ग्राहकों की आवाजाही शून्यता पर रही। आज शहर में क्या आवश्यक सेवा के तहत पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर, हॉस्पिटैलिटी, गैस, दूध विक्रय, अखबार वितरण के अतिरिक्त आज लगभग सभी प्रतिष्ठान पूर्णरूपेण बंद रहे। इसके लिए स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के द्वारा लगातार सफलतम कोशिशें की गई है। यही कारण रहा कि आज शहर की सड़कों पर प्रतिदिन की अपेक्षा वाहनों का आवागमन तथा लोगों की आवाजाही खासी प्रभावित रही। लोगों ने भी अपना समय घर पर ही काट लिया जाना उचित समझा। रविवार को कोरोना कर्फ़्यू के इस दौरान व्यापारीजन सहित आमजनों से मिले इस सहयोग पर स्थानीय खंडस्तरीय आपदा प्रबंधन समूह के अध्यक्ष और अनुविभागीय अधिकारी (रा) मधुवंतराव धुर्वे ने इसे कोरोना के प्रति आमजनों की स्वप्रेरणा से पैदा हुई जागरूकता बताया है। उनका आशावाद है कि बहुत जल्द हम इस कोरोना माहमारी के बुरे दौर से उबर जाएंगे। इस अवसर पर उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार के कोरोना के खिलाफ चल रहे टीकाकरण (वैक्सीनेशन) के वृहद राष्ट्रीय कार्य में आमजनों से सतत सहयोग की अपील भी की है।


