सोने की कीमतों में तेजी! क्या 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम की सीमा पार करेगा सोना?

सोने की कीमतें पिछले कुछ समय में तेजी से बढ़ी हैं और अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या सोना इस साल ₹1 लाख प्रति दस ग्राम के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच सकता है। मौजूदा कीमतों से सिर्फ 13.5% की और बढ़ोतरी की जरूरत है, और वैश्विक आर्थिक और भूराजनीतिक परिस्थितियों में हो रही तेजी से बदलावों के कारण सोने की मांग में बढ़ोतरी की संभावना दिख रही है। अगर यह बदलाव जारी रहता है तो सोने की कीमतें और ऊंची जा सकती हैं।
पिछले एक दशक में सोने की कीमत ₹25,000 से बढ़कर ₹84,650 प्रति दस ग्राम तक पहुंच चुकी है। अगस्त 2011 में सोने की कीमत ₹25,000 थी, और जुलाई 2020 में यह ₹50,000 तक पहुंची। ₹25,000 से ₹50,000 तक पहुंचने में 108 महीने लगे, जबकि ₹50,000 से ₹75,000 तक की यात्रा सिर्फ 48 महीनों में पूरी हुई। सितंबर 2024 तक सोने की कीमत ₹75,000 तक पहुंच चुकी थी, और अब 24 कैरेट सोने की कीमत ₹8,465 प्रति ग्राम है।
क्या सोना ₹1 लाख तक जाएगा? विशेषज्ञों की राय
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, कामा ज्वेलरी के एमडी कॉलिन शाह का मानना है कि ट्रंप की टैरिफ नीतियों ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता को बढ़ाया है, जिससे सोने को एक सुरक्षित निवेश के रूप में ज्यादा प्राथमिकता मिल रही है। भू-राजनीतिक तनाव और संभावित अमेरिकी टैरिफ की वजह से सोने की कीमत 2025 में नए उच्चतम स्तर तक पहुंच सकती है।
वहीं, ऑग्मोंट की रिसर्च हेड डॉ. रेनीशा चैनानी के अनुसार, अधिकांश टैरिफ संबंधित अनिश्चितताएं पहले ही कीमतों में समाहित हो चुकी हैं, और इस साल सोने की कीमत ₹1 लाख तक पहुंचने की संभावना कम है। हालांकि, अगर 2025 में कोई नया बड़ा वैश्विक संकट आता है, जैसे भू-राजनीतिक तनाव, आयात शुल्क में बदलाव या कोई आर्थिक मंदी, तो सोने की कीमत ₹1 लाख तक जा सकती है।
डॉलर में सोने की कीमत: वैश्विक परिप्रेक्ष्य
अमेरिकी डॉलर में सोने की कीमत $3,000 प्रति औंस की ओर बढ़ रही है। वर्तमान में सोना $2,914 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है, जो भारतीय बाजार में लगभग ₹89,400 के आसपास है। मेकलाइ फाइनेंशियल के सीईओ जमाल मेकलाइ का मानना है कि बाजार में कुछ भी हो सकता है, चाहे वह कितना भी असंभव लगे। अगर सोना $3,000 प्रति औंस तक पहुंचता है, तो भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण इसकी कीमत और भी ऊपर जा सकती है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख होगा निर्णायक
सोने की कीमतों पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां भी प्रभाव डाल सकती हैं। हाल ही में फेड ने ब्याज दरों में 1% की कटौती की थी, लेकिन इसके बाद इन दरों को स्थिर रखा गया है। अगर अमेरिका में मुद्रास्फीति बढ़ती है, तो फेड ब्याज दरों में वृद्धि कर सकता है, जिससे डॉलर मजबूत होगा और सोने की कीमतों पर दबाव बन सकता है। डॉ. चैनानी के अनुसार, 2025 में सोने की कीमतें मुख्य रूप से फेड के फैसलों और डॉलर की मजबूती पर निर्भर करेंगी।



