मध्यप्रदेश

पुष्पराजगढ़। रैली निकाल कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने प्रधानमंत्री के नाम 9 सूत्रीय मांगो को लेकर एसडीएम को सौपा ज्ञापन

पुष्पराजगढ़ से प्रवीण चन्द्रवंशी की रिपोर्ट

पुष्पराजगढ़ :- महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के द्गारा आशा कार्यकर्ता एवं सहिकाओं द्गारा मिडिल स्कूल राजेन्द्रग्राम से रैली निकालकर तहसील प्रांगढ़ में एसडीएम पुष्पराजगढ़ को 9 सूत्रीय मांगो को लेकर ज्ञापन सौपा गया। जहां पर्यवेक्षक,आंगन बाडी कार्यकर्ता सहित सहिकाओं द्गारा अपनी मांग पूरी करने बैनर तले प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा है। आशाकार्यकर्ताओं की मांग है, कि हम लोगों को विभाग के मोबाइल डाटा व राशि देने वाली समस्याओं का समाधान किए बिना पोषण ट्रैकर मोबाइल एप्लीकेशन में काम करने हेतु बाध्य ना किए जाने हाईकोर्ट के इस्तेनशन से देश संचनालय महिला एवं बाल विकास के आदेश क्रमांक bigfan22 1340 भोपाल दिनांक 30 चार 2021 का पालन कराने ज्ञापन सौंपा गया। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की ओर से जारी निर्देश के नाम पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नया मोबाइल खरीद का पोषण कर मोबाइल एप्लीकेशन एप डाउनलोड करने के लिए याद किया जा रहा है। वैसे विभागीय निर्णय को लेने के लिए यूनियन से चर्चा करने की जरूरत नहीं है लेकिन निर्णय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को प्रत्यक्ष तौर पर प्रभावित करने वाला हो तो निश्चित तौर पर यूनियन के प्रतिनिधियों से चर्चा किया जाना चाहिए। लेकिन ऐसा किए बिना अचानक लागू की जा रही इस प्रक्रिया से प्रदेश पर आंगनबाड़ी कर्मी एवं उनसे जुड़े पर्यवेक्षक चिंतित हैं। एक तरफ विभाग इस ऐप को डाउनलोड करने में आ रही समस्या का समाधान करने के संबंध में चर्चा नहीं कर रही है बल्कि इस ऐप के डाउनलोड न करने पर वेतन काटे जाने की धमकी जरूर दे रहे हैं प्रदेश में इस सिलसिले में विभाग की ओर से पर्यवेक्षक द्वारा प्रशिक्षण का क्रम भी जारी है लेकिन प्रशिक्षण के दौरान इसमें आ रही समस्याओं के संबंध में कोई स्पष्टीकरण के लिए सुपरवाइजर परियोजना अधिकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी तैयार नहीं है आपको विभाग के आदेश एवं कोर्ट के स्थान आदेश का पालन किया जावे उल्लेखनीय है कि पोषण देकर मोबाइल एप्लीकेशन योजना के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को विभाग की ओर से उपयुक्त मोबाइल एवं इसमें इस्तेमाल होने वाला डाटा हेतु पर्याप्त राशि प्रदान किया जावे जब तक मोबाइल नहीं देते तब तक प्रोजेक्टर मोबाइल एप्लीकेशन ऐप को नियमित रूप से इस्तेमाल के लिए आंगनबाड़ी कर्ताओं को बाध्य जावे मोबाइल के अभाव में पोस्ट ट्रैकर एवं ऐप डाउनलोड ना करने के नाम पर कार्यकर्ताओं पर कार्यवाही करने एवं वेतन न देने की कार्रवाई को रोका जाए पोस्ट ट्रैकर मोबाइल एप्लीकेशन एप 5.5 वर्जन मोबाइल मोबाइल में डाटा लोड नहीं किया जा सकता है केवल छह वर्जन और ऊपर वाले मोबाइल मैं डाउनलोड हो सकेगा जो आमतौर पर आंगनबाड़ी कर्मियों के पास नहीं होते हैं विभाग के निर्देशों के अनुसार मोबाइल को अन्य लोगों को देना मना है जबकि आंगनबाड़ी कर्मियों का मोबाइल से काटी गई ₹750 रू मासिक की राशि का एरियर सहित भुगतान किया जाए इस राशि का बजट आने वाले आजट सत्र में पास किया जावे प्रदेश सरकार की ओर से सेवानिवृत्ति पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ₹100,000 एवं सहायिकाओं को ₹75,000 देने की घोषणा को घोषणा दिनांक से लागू कर घोषणा के लिए एलान निर्मित सभी कर्मियों को यह राशि दीया जावे तथा इसे इसी बजट में शामिल किया जाना आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को कर्मचारी के रूप में नियमित किया जाए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ₹30,000 और सहायिकाओं को ₹21000 न्यूनतम वेतन दिए जाएं उप आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पूर्व केंद्र के आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के बराबर मानदेय एवं सविधान दिया जाए तथा इस राशि का बजट इसी वित्त वर्ष के बजट में पारित किया जाए जिला प्रशासन के अनुचित निर्देशों पर आंगनबाड़ी कर्मियों को अनुचित एवं वैधानिक सेवा समाप्ति को रोका जावे इस तरह सेवा समाप्त किए गए सभी आंगन बाँड़ी कर्मियों के सेवा समाप्ति का आदेश निरस्त कर उन्हें तुरंत बाल किया जाएगा आईसीडीएस का किसी भी तरह के निजीकरण पर रोक लगाई जाए मध्य प्रदेश ग्राम सलाहकार परिषद बोर्ड के 22 जनवरी 2016 के सर्व सम्मत अनुमोदन को लागू कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का एवं सहायिकाओं के लिए न्यूनतम वेतन लागू किया जावे कोविड 19 कि ड्यूटी के दौरान मृत सभी आंगनबाड़ी कर्मियों के परिवार को अब तक बीमा राशि नहीं दी गई है उन्हें ₹50,00000 की बीमा राशि तुरंत दी जावे एवं मृत्य करता कार्यकर्ता के एक आश्रित को शासकीय सेवा प्रदान किया जावे आंगनवाड़ी कर्मियों एवं यूनियनों के प्रतिनिधियों से परामर्श किया बिना विभाग द्वारा मनमाना तरीके से योनि में बाल का डिजाइन और कलर दोनों के निर्धारण को रोका जावे वर्तमान में आंगनबाड़ी कर्मियों द्वारा विरोध के चलते पूर्व का गजरी कलर की नीली बॉर्डर वाली साड़ी को यथावत रखे जाने जाने की मांग की गई है।

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