शनिवार को खेती किसानी और कोरोना बीमारी से जुडी अनेक समस्याओं के निदान के लिए राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

नरसिहपुर । शनिवार को खेती किसानी और कोरोना बीमारी से जुडी अनेक समस्याओं के निदान के लिए राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिसमेंं एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम भी शामिल रहा।
महासंघ के महाकौशल प्रांतीय अध्यक्ष ऋषिराज पटैल एंव किसान नेता देवेन्द्र पाठक ने बताया कि मंूग, उड़द की बोनी और गन्ना फसल के लिए डीएपी व यूरिया मिल नही रहा है जिसकी उपलब्धता सुनिश्चित की जायें एवं डीएपी, यूरिया एंव डीजल के दामों में कमी की जाये क्योंकि लागत बढऩे से खेती किसानी करना कठिन हो रहा है। जिले में यदि लॉकडाउन लगाया जाता है तो किसानों ओर खेतीहर मजदूरों को आने जाने की सुविधा रहे। ज्ञापन में उल्लेख किया है कि जिले में प्रत्येक वर्ष मार्च एवं अप्रेल माह में फसलों में आग लगने की घटनायें होती है इस वर्ष भी अनेक किसानों की फसलें जलकर राख हो गयीं। जिन्हें मुआवजा अतिशीघ्र दिया। साथ ही निश्चित गांवों का एक समूह बनाकर किसी एक गांव को केन्द्र बनाकर फायर बिग्रेड की व्यवस्था की जाये। जिले में अनाज खरीदी केन्द्रों की संख्या बढाकर एसएमएस भेजने की पुख्ता व्यवस्था की जाये क्योंकि किसानो तक समय पर एसएमएस पहुंच नही पा रहे हैँ। जिले की नहरों की मरम्मत कर अतिशीघ्र ग्रीष्मकालीन फ सलों के लिए नहर से सिंचाई की व्यवस्था समय पर की जाये। ज्ञापन में मुख्यमंत्री को याद दिलाया गया है कि आपके द्वारा वर्ष 2018 में गेहंू में बोनस देने एंव सोयाबीन में 500 रूपये प्रति क्विंटल भावंातर राशि देने की घोषणा की गयी थी। परन्तु यह राशि अभी तक किसानों को नही मिली। इसके अलावा बढते कोरोना मरीजों को देखते हुए कोविड सेन्टर बढाये जाये। नरसिंहपुर नर्मदा अंचल से संवाददाता मनोज शुक्ला की रिपोर्ट


