जावरा-दूसरे वर्ष लगातार सोयाबीन में आ रही अफलन की शिकायत ,किसानों की बड़ी चिंता सर्वे की मांग को लेकर दिया ज्ञापन
नागेश्वर धाकड की रिपोर्ट
दूसरे वर्ष लगातार सोयाबीन में आ रही अफलन की शिकायत ,किसानों की बड़ी चिंता सर्वे की मांग को लेकर दिया ज्ञापन
प्रकृति की मार से किसान लगातार परेशान होता दिखाई दे रहा है। पिछले वर्ष भी प्रकृति के प्रकोप से किसानों की सोयाबीन की फसल पूरी तरह चौपट हो गई थी जिसमें किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।
उसी के चलते अब दूसरे वर्ष भी सोयाबीन फसल पर संकट मंडराता दिखाई दे रहा है। पिछले वर्ष भी सोयाबीन में अफलन की शिकायतें होने से फसल का उत्पादन नहीं हुआ था। इसी प्रकार इस वर्ष भी सोयाबीन की फसल में अफलन की शिकायतें लगातार सामने आ रही है।
जिससे किसानों की चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। उक्त फसल के लिए भारतीय किसान संघ तहसील जावरा के बैनर तले गुरूवार के दिन जावरा एसडीएम कार्यालय पहुंचकर जावरा एसडीएम को ज्ञापन देकर अफलन हुई फसल का सर्वे कराने की मांग की गई है।
ज्ञापन में बताया गया है कि किसानों द्वारा इस वर्ष महंगे दामों पर बीज खरीद कर सोयाबीन फसल की बोवनी की थी लेकिन सोयाबीन में लगातार आफलन की शिकायतें मिल रही है। जिससे किसानों की चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। लगातार दूसरा वर्ष है जिसमे सोयाबीन में अफलन की शिकायत देखने को मिल रही है। जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने की संभावना है।
इसलिए भारतीय किसान संघ ने प्रशासन प्रशासन से मांग की है कि अफलन हो रही फसल का नजर सर्वे कर सरकार को अवगत कराया जाए। जिससे कि किसानों को राहत राशि समय रहते ही मिल सके। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की है कि फसलों का सोयाबीन फसल का सर्वे कर सरकार को अवगत कराएं और किसानों को उचित मुआवजा राशि एवं बीमा कंपनियों से बीमा राशि दिलाए। जिससे किसानों को आर्थिक मदद मिल सके।क्योंकि सोयाबीन फसल किसानों के लिए रीड की हड्डी समान होती है। यदि सोयाबीन फसल खराब हो जाती है तो उस किसान का पूरा वर्ष खराब होता है। तहसील अध्यक्ष रमेश धाकड ने बताया है कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा अफलन फसल का सर्वे नहीं किया गया तो आगामी दिनों में एसडीएम कार्यालय के समक्ष सभी किसान अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
तहसील अध्यक्ष रमेश धाकड



