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पुष्पराजगढ़-सांसद-विधायक के आंगन में भी मार्बल: पुष्पराजगढ़ की जनता को पक्की सड़क भी नसीब नहीं, क्रेशर के डंफरों ने किया जर्जर में तब्दील, क्या जनता वोट बैंक है साहब ?

 

प्रवीण चन्द्रवंशी की रिपोर्ट
पुष्पराजगढ़ की जनता को पक्की सड़क भी नसीब नहीं,

सांसद-विधायक के आंगन में भी मार्बल: पुष्पराजगढ़ की जनता को पक्की सड़क भी नसीब नहीं, क्रेशर के डंफरों ने किया जर्जर में तब्दील, क्या जनता वोट बैंक है साहब ?

पुष्पराजगढ़। पुष्पराजगढ़ की जनता इन दिनों जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण अपने नसीब को कोस रही है. इलाके में सड़कें खराब है, विकास कार्य रुके हुए हैं. आलम ये है कि सांसद मैडम और विधायक जी से आंगन भी मार्बल के हैं, लेकिन पुष्पराजगढ़ की बदनसीब जनता की हालत तो देखिए, पक्की सड़क तक नसीब नहीं है। जनता वोट बैंक बनकर रह गई है. पटना कला से करपा- सरई मार्ग पिछले एक दशक से बदहाल है. राहगीरों को सड़क से आवागमन करने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सांसद हिमाद्री सिंह, विधायक फुंददेलाल और कुछ उभरते हुए नेता चुप्पी साधे बैठे हैं। दरअसल, पहले यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क विभाग के अधीन थी. अब आरडीसी विभाग में हस्तांतरित हो गई है, लेकिन सड़क का निर्माण कार्य और मरम्मत नहीं हो रहा. यह मार्ग डिंडोरी जिले सहित शहडोल और उमरिया जिले को जोड़ता है। सड़क की जर्जर स्थिति के वजह से यहां के सैकड़ों गांव के लोगों को आवागमन की समस्या उठानी पड़ रही है. कम संख्या में वाहन चलने से ग्रामीणों को आने जाने की समस्या हो रही है. पूरी सड़क गड्ढों मे तब्दील है. राजेंद्रग्राम से गुजरने वाली स्टेट हाईवे सड़क से पटनाकला, लांघाटोला से करपा-सरई को जाने वाली सड़क है, जिसकी दूरी लगभग 54 किलोमीटर है. यह सड़क पुष्पराजगढ़ तहसील क्षेत्र के प्रमुख मार्गो में से एक है. जहां से करीब 40 पंचायत जुड़ती हैं. अनूपपुर जिले की सीमा डिंडोरी, शहडोल और उमरिया जिले से लगी हुई है. जहां यह सड़क जाकर समाप्त होती है. पहले इस रास्ते में बसें और जीपे बड़ी संख्या में चलती थी, लेकिन सड़क खराब होने से वाहनों में टूट-फूट होने के कारण आ रहे नुकसान की वजह से वाहनों का चलना कम हो गया, जिससे जनता आवागमन की समस्या से परेशान हो रही है. मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं और बुजुर्ग लोगों को गड्ढों भरी सड़क में और भी कष्ट भरा सफर तय करना पड़ता है। क्रशर के गिट्टी पत्थर के परिवहन से सड़क हुई खराब यह सड़क पहले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क विभाग की देखरेख में थी, जिसकी भार क्षमता 8 टन के करीब थी, लेकिन इस रास्ते में कई क्रशर संचालित होने से गिट्टी पत्थर का परिवहन करने वाले वाहनों की वजह से सड़क टूट गई. 2019 में यह सड़क एमपीआरडीसी विभाग को सौंप दी गई. 2 साल बीत गए, लेकिन विभाग ने इस सड़क की कोई मरम्मत नहीं कराई. सड़क का नए सिरे से टेंडर कराए जाने की बात विभाग द्वारा की जा रही है, लेकिन सड़क की वर्तमान दशा जिस तरह से है वह क्षेत्र के निवासियों के लिए अत्यंत परेशानी की वजह बना हुआ है. खराब सड़क से गांव का विकास थम गया । गांव का विकास सड़क की दुर्दशा से ठहरा हुआ है. कॉलेज, न्यायालय, अस्पताल, तहसील एवं जिला मुख्यालय सहित अन्य स्थान आने जाने में सड़क की बदहाल स्थिति के कारण सुविधाजनक आवागमन नहीं कर पा रहे. इस मार्ग में लेढरा, पढमनिया, फरहदा, पतखई, तुम्मी, तुलरा, विचारपुर, सरई जैसे कई पंचायत और उसके साथ जुड़े गांव शामिल हैं. इस सड़क में अब डामर का नामोनिशान पूरी तरह से मिट गया है।

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