उत्तरप्रदेश

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वन विभाग की मिलीभगत से जंगल में हरे भरे पेड़ों का कटान खुलेआम किया जा रहा वन विभाग के उच्च अधिकारी सब कुछ जान कर अंजान बने हुए हैं

पीलीभीत से अखलेश कुमार शर्मा की रिपोर्ट

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वन विभाग की मिलीभगत से जंगल में हरे भरे पेड़ों का कटान खुलेआम किया जा रहा वन विभाग के उच्च अधिकारी सब कुछ जान कर अंजान बने हुए हैं हरीपुर रेंज में बेशकीमती साल के पेड़ों का कटान तेजी से किया जा रहा है।सरकार हर वर्ष पर्यावरण बचाने के लिए वृक्षारोपण करा रही है जिसकी जिम्मेदारी वन विभाग को सौंप दी जाती है। वन विभाग अपनी कमाई दुगनी करने के लिए रात के अंधेरे में लकड़ी खरीदारों से सांठगांठ कर हरे भरे पेड़ों का कटान करा कर जंगल का सफाया करने पर आमादा है। पर वन विभाग के आला अधिकारी सब कुछ जान कर अनजान बने हुए हैं इससे यह प्रतीत होता है कि जंगल के सफाया करने की रणनीति में शामिल है जंगल के कटान का गोरखधंधा वन विभाग फॉरेस्टर सिद्दीक मोहम्मद की सहमति पर चलाया जा रहा है।
जंगल बचे तो पर्यावरण भी बचा रहेगा, लेकिन पीलीभीत जिले के टाइगर रिजर्व की हरीपुर रेंज में लकड़ी माफिया द्वारा जंगल में पेड़ों का कटान धड़ल्ले से किया जा रहा है। स्थानीय लोगों की माने तो जिन पर जंगल को बचाने की जिम्मेदारी है, उनकी मिलीभगत से ही पेड़ काटे जा रहे हैं। धड़ल्ले से काटे जा रहे पेड़
हरीपुर रेंज के जंगल में लकड़ी माफिया और वन विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से रोजाना सैकड़ों पेड़ों को काटा जा रहा है। जिसके बाद जंगल की बेशकीमती लकड़ियों को आरा मशीन पर पहुंचाया जा रहा है।
दिन में साइकिल से लकड़ियों को ढोया जा रहा है तो रात को अन्य वाहनों से ले जाते हैं। साइकिल सवार को एक बार में लकड़ी ले जाने पर सौ रुपए मिलते हैं।कुछ मोटर साईकिल से बेशकीमती लकड़ी ले जाते हुए देखा जा सकता है।जंगल से कीमती लकड़ी की तस्करी का ये खेल काफी लंबे समय से चल रहा है। लकड़ी माफिया रोजाना लाखों के वारे न्यारे करते हैं। ऐसा नहीं है कि वन विभाग के अधिकारी लकड़ी तस्करी से अंजान हैं। वन कर्मचारियों की मिलीभगत से ही जंगल में पेड़ों का कटान हो रहा है।एक तरफ प्रदेश सरकार करोड़ों पौधे लगवाकर गिनीज बुक में नाम दर्ज करा रही है वहीं दूसरी तरफ सैकड़ों साल पहले लगाए गए वनों को माफिया वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से जंगल को पेड़ो के उजाड़ रहे हैं। हरीपुर रेंज जंगल का उदाहरण है। वन विभाग जंगल में आए दिन पेड़ाें का कटान करा है,
जंगल में पेड़ों का कटान लगातार जारी है।

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