देवरी कलां। कोरोना काल मे मीटर रीडर,पाजीटिव मरीजों के घर की रीडिंग करने को मजबूर
संक्रमण फैलने का खतरा, वरिष्ठ अधिकारियों के व्हाट्सएप ग्रुप पर सख्त निर्देश

देवरी कलां (सागर) से कमलेश खरे की रिपार्ट
देवरी कलां। जहां कोरोना काल मे अधिकतर विभागों के कर्मचारी घरों मे बैठकर काम कर रहे हैं।वही फील्ड पर रह रहे विधुत कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।जिस तरह प्रदेश सहित पूरे देश मे संक्रमण लगातार फैल रहा है। और अधिकतर लोग इसकी चपेट मे आ रहे हैं। वहीं अब बिजली विभाग के कर्मचारी को भी इस संक्रमण की चपेट मे आने का खतरा बना हुआ है।बिजली विभाग के कर्मचारियों को व्हाट्सएप ग्रुपों पर सख्त निर्देश दिए गए हैं कि आप लोगों को रीडिंग करके लाना हैं।अब चाहे वह पाजीटिव मरीज का घर ही क्यों न हो।वहीं मीटर रीडरों का कहना है कि हम लोग क्षेत्र के हर घर मे रीडिंग करने जाते है। तो हम लोगों को लगातार संक्रमण का खतरा बना हुआ है न जाने कौन से घर से हम संक्रमण फैल जाएं। विधुत विभाग के कर्मचारियों के द्वारा लगातार विभाग के बड़े अधिकारियों को इस बारे अवगत कराया जा रहा है कि रीडिंग का कोई अन्य उपाय निकाले जिससे की हम कोरोना की चपेट मे आने से बच सके।अब बिजली विभाग की मीटर रीडिंग अपनी आप बीती सुनाए तो सुनाए किसे..।वहीं व्हाट्सएप ग्रुपों पर विधुत विभाग के सीनियर अधिकारियों के द्वारा लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं कि आप लोग रीडिंग स्टाट करे। परंतु विधुत विभाग के कर्मचारियों लगातार माक्स और सैनेटाइजर देने की बात कर रहे हैं।परंतु विधुत विभाग का कोई भी अधिकारी इस ओर ध्यान नही दे रहा है।
लाकडाउन की अवधि तक औसत यूनिट के आधार पर बिल दे सकता है विधुत विभाग
जब इस संबंध मे विभाग के एक बड़े अधिकारी से चर्चा की गई तो उनका कहना है कि कर्मचारी संक्रमण की चपेट न आए इसलिए औसत यूनिट के आधार पर बिल दिए जा सकते है।जिससे की अधिकतर कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा परंतु वरिष्ठ अधिकारियों को यह सुझाव दे कौन? लाकडाउन की अवधि तक यह प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
एक भी रीडिंग छूटती हैं तो पेमेंट कटने का डर रहता हैं..
मीटर रीडरों से जब इस संबंध मे चर्चा की गई तो उनका कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के हम लोगों सख्त निर्देश हैं कि चाहे स्थिति जो भी हो उनको तो रीडिंग चाहिए।चाहे वह पाजीटिव मरीज का घर ही क्यों न हो..
अगर हम लोग उन घरों की रीडिंग देने से मना करते हैं तो विभाग कर्मचारियों के द्वारा पेमेंट काटने की बात कही जाती है।


