मध्यप्रदेश

भिंड के सिविल सर्जन डॉक्टर अनिल गोयल ने एक ऐसी जुगाड़ की जो एक नही बल्कि दो दो जिंदगिया एक साथ बचा रही है.

भिण्ड से पवन शर्मा की रिपोर्ट

कोविड-19 की नयी लहर पहले से ज़्यादा ख़तरनाक है उसी तरह संक्रमित मरीज़ों में भी तेज़ी से ऑक्सिजन कि माँग बढ़ी है ज़िला अस्पताल में भर्ती 120 से ज़्यादा मरीज़ों में ज़्यादातर लो सेचुरेशन की वजह से ऑक्सिजन पर है फ़िलहाल ऑक्सिजन तो पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध लेकिन ज़िला अस्पताल में मौजूद ऑक्सिजन सिलेंडर के लिए फ़्लो मीटर की भारी कमी है ऑर्डर लगाए जाने के बाद भी बाज़ार में ऑक्सिजन फ़्लो मीटर स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध नही हो पा रहे है. ज़िला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर अनिल गोयल ने इस कमी को दूर करने के लिए एक आपातकालीन जुगाड़ बनायी है जिससे की बिना फ़्लो मीटर भी ज़रूरत मंद मरीज़ को ऑक्सिजन लगायी जा सके.

क्या है ऑक्सिजन देने की नयी जुगाड़
ऑक्सिजन फ़्लो मीटर का काम सिलेंडर से मरीज़ तक पहुँच रही ऑक्सिजन का प्रवाह नियंत्रित करना है लेकिन इसके अभाव में डॉक्टर अनिल गोयल ने ऑक्सिजन केनुला और एक 20 ml की डिस्पोज़बल इंजेक्शन का इस्तेमाल कर ऑक्सिजन सप्लाई की जुगाड़ की है. उन्होंने इसका डेमन्स्ट्रेशन देते हुए बताया कि इंजेक्शन के पीछे के हिस्से को काट कर सीधा सिलेंडर नोज़ल में लगा दिया जाता है. इसके बाद इससे एक ऑक्सिजन केनुला यानी पाइप को नीडल हटाकर इंजेक्शन के आगे वाले हिस्से में लगाया गया है जिससे पाइप में सीधा ऑक्सिजन सप्लाई होगी .

ऑक्सिजन प्रेसर कंट्रोल के लिए भी की जुगाड़
लेकिन अब बात आती है की ऑक्सिजन के फ़्लो का कैसे पता लगाया जाएगा की ऑक्सिजन कितने प्रेशर से जा रहा है तो डॉक्टर गोयल ने इसके लिए देसी जुगाड़ किया है उन्होंने एक डब्बे में पानी भरा और उस पानी में ऑक्सिजन पाइप का नोज़ल यानी जहां से ऑक्सिजन बाहर निकलेगी उस हिस्से को पानी में डाला गया और सीधा ऑक्सिजन सिलेंडर को धीरे धीरे रिंच की मदद से खोला जाता है ऐन पानी में उठ रहे बुलबुलों को देख कर प्रेसर का अंदाज़ा लगाया जा सकता है और इमरजेंसी में बिना फ़्लो मीटर भी मरीन को ऑक्सिजन दी जा सकती है. ख़ास बात यह है की इसने भी डिवाइडर लगाकर एक से ज़्यादा मरीज़ों ऑक्सिजन दिया का सकता है.

डेमन्स्ट्रेशन देते सिविल सर्जन डॉक्टर अनिल गोयल.

ऑक्सिजन की क्षमता बढ़ाने की व्यवस्था
इस देसी जुगाड़ को लेकर ज़िले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर अजीत मिश्रा ने डॉक्टर गोयल की तारीफ़ करते हुए कहा है की क्राइसिस सभी जगह बढ़ रही है भिंड ज़िले में भी ऑक्सिजन की क्षमता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है 36 ऑक्सिजन बेड बढ़ाने की तैयारी है लेकिन उससे पहले ही ज़्यादा संख्या में मरीज़ भी आते जा रहे हैं ऐसे में ज़िला अस्पताल द्वारा यह आपात व्यवस्था बनायी गयी है जिससे मरीज़ों को समय पर ऑक्सिजन की उपलब्धता हो सके.

5 हज़ार में भी नही मिल रहा फ़्लो मीटर
देश भर में संक्रमित मरीज़ों की संख्या बढ़ने की वजह से ऑक्सिजन सिलेंडर का उपयोग तेज़ी से बढ़ रहा इसकी वजह से फ़्लो मीटर की बाज़ार में कमी हो गयी है. अमूमन अच्छी क्वालिटी का फ़्लो मीटर 900 रुपय में उपलब्ध हो जाता है लेकिन क़िल्लत के चलते भिंड स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए ऑर्डर के बावजूद इनकी उपलब्धता नही हो पा रही है. भिंड सीएमएचओ ने बताया कि बाज़ार में 5000 रुपय तक में फ़्लो मीटर नही मिल रहा है पिछले 15 दिन पहले वेंडर को 100 फ़्लो मीटर का ऑर्डर दिया गया था उससे लगातार बातचीत चल रही है एक हफ़्ते में सामान देने के लिए कहा गया था लेकिन वह किसी भी क़ीमत पर फ़िलहाल सामान देने को तैयार नही है ऐसे में यह नई व्यवस्था से काम चलाया जा रहा है और यह कारगर भी साबित हो रहा है.
बाइट- डॉक्टर अजीत मिश्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भिंड

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