विदिशा। महिला डॉक्टर द्वारा विवाहिता को गुमराह करने एवं लापरवाही बरतने के आरोप
महिला चिकित्सक पर गुमराह करने एवं लापरवाही बरतने के आरोप

संवाददाता : नितीश श्रीवास्तव
महिला चिकित्सक पर गुमराह करने एवं लापरवाही बरतने के आरोप
विवाहिता को उल्टी की शिकायत होने पर डॉक्टर ने गर्भवती का इलाज दिया
सोनोग्राफी की जांच की रिपोर्ट से हुआ खुलासा की विवाहिता गर्भवती है ही नहीं।
पीड़ित दंपत्ति ने की कलेक्टर एवं जिला चिकित्सा अधिकारी से महिला चिकित्सक पर कार्यवाही की मांग
विदिशा। हर विवाहिता महिला को सबसे बड़ी खुशी तब मिलती है जब उसे पता चलता है कि वह मां बनने वाली है, क्या हो अगर उस महिला को कोई डॉक्टर 3 माह का गर्भ बता कर, लगभग डेढ़ माह तक महंगा ईलाज लिखती रहे और सोनोग्राफी की जांच पर खुलासा हो कि महिला गर्भवती ही नहीं है। जिले की तहसील गंजबासौदा में महिला डॉक्टर द्वारा विवाहिता को गुमराह करने एवं इलाज में लापरवाही बरतने का बड़ा मामला सामने आया। जिसमें ग्राम करौंदा खुर्द निवासी दंपत्ति ने शासकीय राजीव गांधी जन चिकित्सालय में पदस्थ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ लीना शर्मा पर गुमराह करने एवं इलाज में लापरवाही करने के आरोप लगाते हुए डॉक्टर के खिलाफ कलेक्टर एवं सीएचएमओ के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
ज्ञापन में पीड़ित दंपति ने बताया कि विगत माह 6 अप्रैल को महिला मुस्कान राजपूत को उल्टी होने की शिकायत के चलते वह बरेठ रोड लाल बाग स्थित डॉ लीना शर्मा की निजी क्लीनिक पर इलाज के लिए आए थे, डॉ लीना शर्मा ने चेकअप करने के बाद उन्हें बताया कि महिला को 3 माह का गर्भ है जिस पर जच्चा बच्चा दोनो स्वस्थ एवं सुरक्षित रहे इस हेतु दवाइयों का पर्चा बना दिया, दवा खरीद कर वह अपने गांव वापस आ गए, इसके बाद विगत दिनों महिला को इंटरनल ब्लीडिंग होने लगी तो वह पुनः डॉ लीना शर्मा के निजी क्लीनिक पर चेकअप के लिए पहुंचे, यहां पर डॉक्टर ने सोनोग्राफी का लिख दिया, दंपत्ति ने जिला मुख्यालय विदिशा पहुंचकर सोनोग्राफी करवाई, सोनोग्राफी की रिपोर्ट देखकर दोनों के पांव तले से जमीन खिसकते देर ना लगी, क्योंकि सोनोग्राफी रिपोर्ट में महिला को गर्भवती होने के कोई लक्षण नहीं दिखे, एवं महिला को पेट में गर्भ था ही नहीं,
इस संदर्भ में पीड़ित महिला और उसके पति द्वारा महिला चिकित्सक डॉक्टर लीना शर्मा को अवगत कराया, तब महिला चिकित्सक द्वारा अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए पीड़ित महिला से कहा “इसमें मैं क्या कर सकती हूं।”
महिला चिकित्सक के शब्द सुनकर महिला और उसके पति के द्वारा डॉक्टर की योग्यता पर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिये।
जिस पर महिला चिकित्सक कुछ भी कहने से बचती नजर आईं।
पीड़ित पक्ष द्वारा महिला चिकित्सक के खिलाफ गुमराह करने एवं इलाज में लापरवाही के आरोप लगाते हुए कलेक्टर और सीएचएमओ के नाम एक शिकायती ज्ञापन एसडीएम को सौंपा चूँकि महिला चिकित्सक लीना शर्मा वर्तमान में स्थानीय शासकीय राजीव गांधी जनचिकित्सालय गंज बासौदा में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के रूप में कार्यरत हैं, इसलिए इस मामले की शिकायत बीएमओ डॉक्टर रविंद्र चिढ़ार से भी की गई।
पूर्व में भी महिला चिकित्सक डॉ लीना शर्मा पर लापरवाही की कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। लेकिन अभी तक उन पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं हुई है।


