नई के इंतजार में बंद हो गई पाथाखेड़ा की एक और खदान, दूसरी की भी तैयारी पॉवर प्लांट से भी स्थानांतरण का फरमान जारी

गजेन्द्र सोनी दिवाकर न्यूज़ सारनी बैतुल
सारनी।सत्ता में बैठकर शहर को उजड़ने से बचाने का अलाप रागने वालों के लिए यह खबर अच्छी नहीं है। लेकिन हकीकत भी यही है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से लेकर मौजूदा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक सभी ने पाथाखेड़ा आकर बड़े ही ओजस्वी भाषणों में एक नहीं। कई बार कहा इस शहर को कभी उजड़ने नहीं दूंगा। मौजूदा मुख्यमंत्री ने तो चुनावी सभा में 4 हजार करोड़ की लागत से 660 मेगावाट की सुपर क्रिटिकल इकाई स्थापित करने और दो नई खदान की घोषणा कर दी थी। नई इकाई का तो पता नहीं। लेकिन सरकार बनते ही सतपुड़ा ताप गृह की 2 इकाई को बंद कर दिया। इसके बाद 2 इकाई को कभी तकनीकी कारण तो कभी आरएसडी और अब क्रिटिकल कोल के कारण बंद कर दी है। यानी कि 660 मेगावाट की सुपर क्रिटिकल स्थापित हुई नहीं और 830 मेगावाट क्षमता की 6 से 9 नंबर तक इकाई जरूर बंद कर दी। इसी तरह गांधीग्राम और तवा थ्री खदान खोलने को लेकर प्रक्रिया तो चल रही है। लेकिन अभी खदान खोलने में काफी वक्त लगने की बात सामने आ रही है। बताया तो यह जा रहा है कि पहले तवा थ्री खदान खुलेगी, जो कि तवा-2 का ही एक हिस्सा है। अभी यह खदान प्रारंभ भी नहीं हुई और पाथाखेड़ा क्षेत्र में 1979 से चल रही सारनी खदान 1 अप्रैल को बंद कर दी गई। यहां का मैनपावर अन्य खदानों में स्थानांतरित कर दिया गया है। अब इस खदान में महज 89 मैनपॉवर है। इसमे से 20 जून माह में सेवानिवृत्त होंगे। बाकी को अन्य खदान शिफ्ट किया जाएगा।इसके बाद 31 मई 2021 को शोभापुर खदान बंद होगी। इसका मैनपावर भी ट्रांसफर किया जा रहा है। समय रहते गांधीग्राम और तवा थ्री खदान नहीं खोली गई तो पाथाखेड़ा क्षेत्र में कहने को सिर्फ 4 खदानें रहेगी। जिसमें तवा-1, तवा-2, छतरपुर-1, छतरपुर-2 खदान शामिल है। वहीं शक्तिगढ़ प्रोजेक्ट प्राइवेट को जाने से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसा इसलिए क्योंकि बीते दिनों सीआईएल ग्रुप पर एक सूची जारी हुई थी। जिसमें प्राइवेट को जाने वाली खदानों में शक्तिगढ़ प्रोजेक्ट भी शामिल था।
इनका कहना –
सारनी खदान से कोयला उत्पादन बंद हो गया है। मैनपॉवर स्थानांतरित कर दिया गया है। फिलहाल 89 जरूरी मैनपॉवर कार्यरत है, जो खदान बंद करने की फार्मलिटी पूरी कर रहे हैं। साथ ही खदान से सामान बाहर निकाल रहे हैं। इसमें से 20 लोग 30 जून को सेवानिवृत हो जाएंगे। समय रहते तवा थ्री खदान खोलने की हर संभव कोशिश जारी है। पीके चौधरी, महाप्रबंधक, डब्ल्यूसीएल, पाथाखेड़ा।


