विषम परिस्थितियों में किराना व्यापारियों की हठधर्मिता से परेशान हो रहे तेन्दूखेड़ा के लोग प्रशासन की सख्ती से बौखलाए तेंदूखेड़ा किराना व्यापारी

तेंदूखेड़ा से नितिन राय की रिपोर्ट
वर्तमान में व्याप्त भयंकर महामारी के चलते लोगों का जीवन पूर्ण रूप से अस्त-व्यस्त है सभी लोग मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं घर-घर में संक्रमित बीमारियों ने डेरा कर रखा है लगातार कोविड-19 से कई लोग असमय ही काल कलवित हो चुके है और यह सिलसिला बदस्तूर जारी है,, परंतु तेंदूखेड़ा में किराना व्यापारीयों द्वारा चोरी पर सीनाजोरी करते हुए अपनी हठधर्मिता बताई जा रही है, जिससे तेंदूखेड़ा समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं,, प्राप्त जानकारी अनुसार तेंदूखेड़ा एसडीएम के द्वारा पुराना बस स्टैंड पर भीड़ लगाकर सामान क्रय-विक्रय करते पाए जाने पर एक किराना व्यवसाई का प्रतिष्ठान सील किया गया था जिसके विरोध में तेंदूखेड़ा के सभी किराना व्यापारियों ने 3 दिनों तक अपनी दुकानों को बंद रखा, ,ऐसी स्थिति में यह प्रश्न उठना और उठाना दोनों लाज़मी है कि किसी एक कि गलती को सभी के माथे पर मढ़ना कहा तक उचित है,? दूसरी बात अगर प्रशासन ने गलती करते पाये जाने वाले व्यापारी पर कार्यवाही की है तो व्यापारी संघ को सहर्ष अपनी गलती को स्वीकार करते हुए गलती करने वाले व्यापारी पर दबाव बनाकर नियमों का पालन करने की अपील करनी चाहिये न कि उसका समर्थन,,,बहरहाल इसी तेन्दूखेड़ा में कुछ लोग मानवीय संवेदनाओं की कद्र करते हुए दिन-रात जितना जिसमें सामर्थ्य है उतनी लोगों की मदद कर रहे,, वही दूसरी ओर कुछ स्वार्थी तत्व निजी अहम का दंभ भरते हुए मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर परेशान लोगों को सामान न देकर और परेशानी में डाल रहें है,,, ऐसे लोगों के इस गलत निर्णय को इसका साथ देने वाले लोगों को तेन्दूखेड़ा सदैव अपने मानस पटल पर याद रखेगा की भयंकर महामारी में भी कुछ लोंगो ने अपने अहम पर आमादा होकर मानवीयता को पैरों तले रौंद डाला था,


