सडक़ हादसे की वजह जानने एवं उनमे कमी लाने के उद्देश्य से गुरूवार को पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस अधिकारियों की कार्यशाला पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया के मुख्य आतिथ्य में आयोजित की गई

अशोकनगर से ओमप्रकाश रघुवंशी की रिपोर्ट
सडक़ हादसों में कमी लाने आईरेड एप की सहायता से तैयार होगा डाटाबैस
अशोकनगर। सडक़ हादसे की वजह जानने एवं उनमे कमी लाने के उद्देश्य से गुरूवार को पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस अधिकारियों की कार्यशाला पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया के मुख्य आतिथ्य में आयोजित की गई। कार्यशाला में जिले के पुलिस एडीशनल एसपी प्रदीप पटेल, डीआईओ एनआईसी एसके जैन सहित पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यशाला में रोलआउट मैनेजर पंकज तिवारी द्वारा पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को इंटीग्रेडेट रोड एक्सीडेंट डाटाबेस प्रोजेक्ट आईरेड एप की ट्रेनिंग दी गई। इस एप में जिले में कही भी कोई सडक़ दुर्घटना होने पर उसकी संपूर्ण जानकारी जैसे स्थान का नाम, दुर्घटना की संभावित वजह आदि तुरंत फीड की जायेगी। जिससे भविष्य में किन स्थानों पर एवं किन कारणों से दुर्घटनायें बार-बार हो रही है जिससे आगे होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। दुर्घटना स्थान पर पुलिस जांच अधिकारी मोबाइल से फोटो एवं वीडियो अपलोड कर सकेंगें। जांच अधिकारी द्वारा एप पर वाहन का नंबर एवं चालक का ड्राइविंग लाइसेंस नंबर डालने, तमाम संबंधित जानकारी मिल जायेगी। इसी एप में एक फॉर्मेट के जरिए पुलिस जांच अधिकारी को हादसे से जुड़ी जानकारी भरनी होगी। इसमें हादसों की वजह मृतक व घायलों का नाम एवं पता और घटना स्थल का तमाम विवरण देना होगा। इस के जरिए एक क्लिक पर कही भी हुये हादसे की समीक्षा की जा सकेगी। सडक़ हादसे की समीक्षा के लिए एप में कई विकल्प दिये गये है। एप में देखा जाएगा की हादसा ओवरटेकिंग की वजह से हुआ या फिर चालक नशे में था इतना ही नहीं वाहन की गति अधिक या फिर धुंध या रोशनी कम होने की वजह से हादसा हुआ। इसके अलावा अन्य कई विकल्प दिये गये है। देश में हुई सभी दुर्घटनाओं की समीक्षा आईआईटी मद्रास द्वारा की जायेगी एवं भारत सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत की जाकर नये विकल्प तैयार किये जायेगे जिससे भविष्य में होने वाली सडक़ दुर्घटनाओं को रोका जा सकें।


