सरकारी खरीद केंद्रों पर छले जा रहे किसान – 100 ग्राम की बोरी का 400 ग्राम काट रहे वजन

दिनांक 22/4/021
लोकेशन- अशोकनगर
संवाददाता- ओमप्रकाश रघुवंशी
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समर्थन मूल्य पर गेहूं, चना खरीदी से पहले सरकार ने जो व्यवस्था बनाने का दावा किया था, वो व्यवस्थाएं वहां नजर नहीं आ रही हैं। रातीखेड़ा खरीदी केन्द्र पर किसानों को 50 किलो की तौल पर 300 से 400 ग्राम का टांका लगाया जा रहा है। तो वहीं केन्द्र पर कोरोना के बचाव के इंतजाम भी नजर नहीं आए और न ही किसानों के हाथ धुलाने के लिए साबुन या सेनेटाइजर मिला और न ही बैठने के लिए छांव के इंतजाम हैं।
सरकारी खरीद केंद्रों पर इस समय समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की जा रही है। जहां किसानों का पूजन करने वाले जिम्मेदार ही उनको छलने लगे हैं। किसानों को 50 किलो की तौल पर 300 से 400 ग्राम का टांका लगाया जा रहा है। अगर रोजाना एक खरीद केंद्र पर हजारों क्विंटल गेहूं खरीदा जाएगा, तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि टांके का आकड़ा कहां तक पहुंच जाएगा। कुछ खरीद केंद्रों पर तो सेक्रेटरी के नाम पर 10 से 20 किलो गेहूं काटा जा रहा है। इतना होने के बाद भी अफसरों ने अभी तक खरीद केंद्रों का निरीक्षण करना भी जरूरी नहीं समझा। हाल ये है कि पहुंच रखने वाले लोगों का कचरा या मिट्टी वाला गेहूं और चना आसानी से खरीदा जा रहा है, लेकिन रंगदारी नहीं देने वाले किसानों को साफ गेहूं रिजेक्ट किया जा रहा है। रही बात जिला प्रशासन के निर्देशों की तो किसानों के लिए खरीद केंद्रों पर पानी पीने तक की व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। सुबह से भूखा किसान शाम तक निरहार घर पहुंचने पर मजबूर है।


