आज फिर प्रयागराज में प्रियंका गांधी

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने मौनी अमावस्या पर 11 फरवरी को प्रयागराज के संगम पर जाकर आस्था की डुबकी लगाई थी। इस दौरान एक नाविक ने उन्हें दिया था बांसवार गांव आने का न्यौता।
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी आज प्रयागराज के बांसवार गांव में पहुंचकर निषाद समाज के लोगों से मुलाकात करेंगी। कांग्रेस का कहना है कि पुलिस ने इस समाज के लोगों पर ज्यादती की, लेकिन प्रदेश सरकार की ओर से भी कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रियंका गांधी के निर्देश पर यूपी कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल पहले ही इन लोगों से मुलाकात कर चुका है, लेकिन प्रयागराज दौरे के दौरान एक नाविक ने कांग्रेस महासचिव को स्वयं गांव के हालात देखने और पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने की विनती की थी। ऐसे में कांग्रेस महासचिव आज बांसवार गांव पहुंच रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रियंका गांधी सुबह दस बजे विशेष विमान से प्रयागराज के लिए रवाना होंगी। इसके बाद सड़क मार्ग से बांसवार गांव पहुंचेंगी। वे यहां पर निषाद समाज के लोगों से मिलने के साथ ही स्थानीय नेताओं व कार्यकर्ताओं से भी मिलेंगी। साथ ही, पुलिस कार्रवाई के दौरान निषाद समाज की टूटी नावों का भी देखने जाएंगी।
प्रियंका का दो सप्ताह के भीतर प्रयागराज का यह दूसरा दौरा है। इससे पहले 11 फरवरी को मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज पहुंची थी, जहां उन्होंने संगम तट पर आस्था की डुबकी लगाई थी। यहां उन्होंने नाव की भी सवारी की थी। इस दौरान सुजीत निषाद नाम के नाविक ने उन्हें बांसवार गांव के पीड़ितों का हाल सुनाते हुए गांव में आने का निमंत्रण दिया था और गुहार लगाई थी कि पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिए मदद कीजिए।
ये है मामला
बांसवार वही गांव है, जहां पर बालू माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाने के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने निर्दोष लोगों पर लाठीचार्ज किया और बेकसूर नाविकों की नावों को भी तोड़ डाला। वहीं प्रयागराज प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि बालू खनन की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची टीम पर माफियाओं के इशारे पर हमला किया गया। ऐसे में पुलिस को हालात नियंत्रण में करने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी।
राजनीति तेज
निषाद समाज के लोगों के आरोपों और जिला प्रशासन के स्पष्टीकरण से इतर इस मुद्दे पर राजनीति शुरू से तेज है। घटना सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने इसके लिए योगी सरकार को घेरा था और आरोप लगाया था कि निषाद समाज के लोगों से ज्यादती की गई। हालांकि ग्रामीणों ने शुरू में मिलने पहुंचे निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर संजय निषाद को दौड़ाकर गांव से बाहर निकाल दिया था, लेकिन करीब दस दिन बाद मिलने पहुंचे कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर अपना दर्द बयां किया था। अब प्रियंका गांधी स्वयं इस गांव के लोगों से मिलने जा रही हैं तो राजनीति और तेज होने का अंदेशा है।


