मध्यप्रदेश

सिविल सर्जन होम क्वारंटाइन, घर के बाहर लगे बैरिकेड्स

अशोकनगर से ओमप्रकाश रघुवंशी की रिपोर्ट

अशोकनगर। रविवार को एंटीजन किट में कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी जिला चिकित्सालय में कलेक्टर अभय वर्मा के साथ घूम रहे सिविल सर्जन एसएस छारी को सोमवार को उनके घर में होम आईसोलेट कर दिया गया। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत उनके घर के बाहर बैरिकेड्स लगा दिए गए।
दरअसल, अशोकनगर के सिविल सर्जन की कुर्सी पर डॉ एसएस छारी पदस्थ है। रविवार को उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी, जिसकी पुष्टि खुद जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने की थी, लेकिन सिविल सर्जन रिपोर्ट को मामने के लिये तैयार नहीं थे और बेधडक़ कलेक्टर के साथ दौरे कर रहे थे, अधिकारियों के साथ मीटिंग ले रहे थे। इतना ही नही, बाकायदा भोपाल से होने वाली सभी वीडियो कॉन्फ्रेंस में भी बैठते रहे। लेकिन जब पत्रकारों ने छारी से पूछा कि वह कोरोना पॉजिटिव है या नहीं तो उन्होने सिरे से पॉजिटिव होने की बात ही नकार दी। इस सवाल पर उन्होने जवाब दिया कि जो किट थी, वह घटिया क्वालिटी की थी और इसीलिए उसमें रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। जब उनसे कहा गया कि खुद सीएमएचओ कह रहे हैं कि आप पॉजिटिव हैं तो उन्होंने सीएमएचओ पर ही सवाल खड़े करते हुए कह दिया कि वह तो झूठ बोल रहे हैं। सिविल सर्जन ने यह भी बताया कि उन्होंने एक और एंटीजन टेस्ट दूसरी किट से कराई जिसमें वह निगेटिव आए इसीलिए वह मानते हैं कि वह कोरोना पॉजिटिव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वे जब तक आरटीपीसीआर जांच नहीं कराते तब तक खुद को कोरोना पॉजिटिव कैसे मान लें। इसके बाद सोमवार को खुद को कोविड पॉजिटिव मानने से इनकार कर रहे सिविल सर्जन के निवास पर बैरीकेड्स लगा दिए गए हैं। रविवार को जब मीडिया ने इस मामले को उठाया तो आखिर में अस्पताल प्रबंधन एवं जिला प्रशासन ने उनको कोविड संदेही मान ही लिया। कोविड-19 को लेकर एक तरफ डॉक्टर एवं प्रशासनिक अमले जनता से जागरूकता की अपील कर रहे हैं। वहीं सिविल सर्जन जैसे बड़े चिकित्सक ही इस तरह की लापरवाही बरतेंगे तो कोरोना के हालात और बिगडऩे से भला कोई कैसे रोक पाएगा।

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