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साँवेर के मेडिकल संचालक अमन ताज सहित 2 अन्य धराए…रेमडेशिविर इंजेक्शन की काला बाजारी का मामला वेल्डिंग करने वाले रिश्तेदार व एक अन्य को भी “फर्जी डॉक्टर अमन” ने लिया साथ…कि गोरख धंधे की शुरवात

 

By Rohit Kumar Ojha

इंदौर से सतीश शर्मा की रिपोर्ट

साँवेर के मेडिकल संचालक अमन ताज सहित 2 अन्य धराए…

रेमडेशिविर इंजेक्शन की काला बाजारी का मामला वेल्डिंग करने वाले रिश्तेदार व एक अन्य को भी “फर्जी डॉक्टर अमन” ने लिया साथ…

कि गोरख धंधे की शुरवात

कोरोना संक्रमित मरीजों को लगने वाले रेमदेसीविर इंजेक्शन की कालाबाजारी रुकने का नाम नहीं ले रही है, जहां इसी कड़ी में क्राइम ब्रांच ने तीन युवक को बाणगंगा थाना क्षेत्र के लवकुश चौराहा से हिरासत में लेकर 4 इंजेक्शन जप्त किए हैं। यह लोग ग्राहक को तलाश कर, उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर एक इंजेक्शन 30000 रुपये में बेचते थे। ASP क्राइम जीपी पाराश ने बताया कि मुखबीर से मिली सूचना के बाद पुलिस ने कार्यवाही करते हुए 3 लोगों को दबोचा है। पुलिस के मुताबिक पानोड़ बाएपास सांवेर का रहने वाला 25 वर्षीय अमन पिता शरीफ ताज रेमदेसीविर इंजेक्शन बेचने के लिए शहर में कई लोगों से संपर्क कर चुका था, इस सूचना के बाद बाणगंगा पुलिस के साथ लव कुश चौराहे पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा , आरोपी अमन ताज के अलावा उसकी अल्टो कार में दो अन्य आरोपी स्कीम नंबर 78 इन्दौर का रहने वाला 35 वर्षीय डॉ राकेश पिता सुरेश मालवी, देपालपुर का रहने वाला 25 वर्षीय शाहरूख पिता सत्तार खान पीछे बैठे थे। पुलिस द्वारा आरोपियों के पास से चार रेमडेसीविर इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। आरोपियों ने बातचीत कर ग्राहकों को 30-30 हजार रुपये में बेचने की फिराक में सुलभ शौचालय के पीछे कार लगाकर बैठे मिले। पुलिस ने जब मुख्य आरोपी अमन ताज से पूछताछ की तो उसने बताया कि उक्त रेमडेशीवीर इंजेक्शन दूसरे आरोपी डॉक्टर राकेश मालवीय ने उपलब्ध करवाए , डॉ मालवीय ने यह इंजेक्शन मरीज को लगाने के नाम पर उसके परिजनों से मंगवाए थे, जहा मरीज को नही लगाकर जहां यह इंजेक्शन मरीज को नहीं लगाकर मालवीय ने साँवेर के अमन ताज और शाहरुख के साथ मिलकर उक्त जीवन रक्षक रेमडेशीवीर इंजेक्शन ऊंचे दामों पर अधिक मुनाफा कमाने के लिए जरूरतमंद लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर बेचने की योजना बनाई , जहा डॉ राकेश ने अमन ताज को ग्राहक से बात कर इंजेक्शन बेचने के लिए कहा था।

2 आरोपी रह चुके सहकर्मी, वही तीसरा मेडिकल चलाने वाले का रिश्तेदार निकला

ASP पाराशर ने बताया कि आरोपी अमन ताज मेडिकल दुकान संचालक है। वह सांवेर में मेडिकल शॉप चलाता है। उसकी पहचान आरोपी डॉ राकेश मालवीय से चंद्रावतीगंज के एक अस्पताल में काम करते हुए हुई थी। यह दोनों लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व काम किया करते थे, उसके बाद आरोपी अमन ने मेडिकल शॉप का संचालन शुरू कर दिया। डॉक्टर राकेश मालवीय इंदौर में ही किसी अस्पताल में मरीज देखने का काम करने लगा, जानकारी के अनुसार आरोपी शाहरुख खान, अमन ताज का ही रिश्तेदार है, जो देपालपुर में रहता है एवं वेल्डिंग का काम करता है। बाणगंगा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।

गंभीर बीमारी का इलाज भी करता था डॉक्टर अमन ताज

रेमडेशीवीर जीवन रक्षक इंजेक्शन की कालाबाजारी में अपने दो साथियों साथ पुलिस के हत्थे चढ़े डॉक्टर अमन ताज कोरोना कई गंभीर बीमारी का बिना किसी डिग्री के इलाज भी करता था। सूत्रों के मुताबिक डॉक्टर अमन ताज ने धरमपुरी स्थित एक अस्पताल खोल रखा , जहा आस – पास के कई ग्रामीण इलाकों के भोले भाले लोगो का वह इलाज करता था, जानकारी के अनुसार यह कई गम्भीर बीमारी का इलाज भी करता था, धरमपुरी में एक भवन में कुछ स्थान किराए से लेकर इसका अस्पताल संचालित हो रहा रहा, जहा नियम कायदों को ताक पर रख कर कई पलंग लगे थे, फर्जी तरीके से बिना किसी डिग्री के मरीजों की जांच की जा रही थी उन्हें डॉक्टर अमन द्वारा पैथोलॉजिकल एक्स-रे आदि जांच करवाने की एडवाइज भी की जा रही थी मरीजों को ग्लूकोज आदि की बोतलें भी चढ़ाई जा रही थी वही अस्पताल के बाहरी हिस्से में मेडिकल स्टोर भी था जहां इलाज करवाने के बाद वहीं से बाध्य होकर दवाई खरीदना होती थी।

रेमडेशिविरइंजेक्शन ,जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा,सख्त कार्यवाही होगी : मुख्यमंत्री

आपको बताना चाहेंगे कि कोरोना संक्रमण के संकट की घड़ी में रेमदेसीविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए क्राइम ब्रांच आए दिन ऐसे आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले रही है और उन पर कार्रवाई की जा रही है। वही जीवन रक्षक दवाओं रेमदेसीविर इंजेक्शन ऑक्सीजन व अन्य संबंधित चीजों की कालाबाजारी करने वालों को लेकर जिलाधीश ने इन पर सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कई बार कह चुके हैं कि रेमदेसीविर इंजेक्शन या अन्य संबंधित दवाओं की कालाबाजारी करने वालों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। कई सामाजिक संगठन व राजनीतिक दलों द्वारा तो मांग की जा रही है कि ऐसे लोगों पर हत्या करने जैसे जुर्म की सजा मिलनी चाहिए।

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