इंदौर। शासकीय अस्पतालों के बाहर समाजसेवी बांट रहे भोजन
कर्फ्यू में बाहर के लोगो को अस्पताल में होती है परेशानियां - पांडे

रिपोर्टर – सतीश शर्मा, इन्दौर
इंदौर के शासकीय अस्पतालों के बाहर मरीजों के परिजनों की भोजन की चिंता करते हुए छावनी के पिंकल पांडे 500 से अधिक भोजन पैकेट करते हैं प्रतिदिन वितरित
भारत में कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने काफी तबाही मचाई है। यदि बात की जाए मध्यप्रदेश की तो यहां की औद्योगिक राजधानी इंदौर में कोरोना ग्रस्त मरीजों की संख्या पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा है। ऐसे में शहर के सभी शासकीय अस्पतालों में इलाजरत कोरोना पॉजिटिव मरीजों के साथ में उनके परिजन भी अस्पतालों के बाहर देखे जा सकते हैं। मरीजों का तो अस्पताल में इलाज हो रहा है, किंतु उनके परिजनों की भी जागरूक शहरवासी चिंता कर रहे हैं। ऐसे ही एक जागरूक नागरिक इंदौर के छावनी क्षेत्र के पिंकल पांडे है। जो प्रतिदिन अपने पारसी मोहल्ला छावनी स्थित निवास पर 500 से अधिक भोजन के पैकेट का निर्माण पिछले कई दिनों से करते हुए इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल,सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पीसी सेठी हॉस्पिटल एवं नौलखा मजदूर चौक पर जाकर वितरित कर रहे हैं। श्री पांडे ने बताया कि पिछले वर्ष वे स्वयं जब हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। तब उन्होंने देखा कि मरीज तो अस्पताल में भर्ती रहता है। किंतु इस दौरान उसके परिजन भी काफी परेशानियों का सामना करते हैं। शहर में लॉकडाउन एवं कोरोना कर्फ्यू लगा हुआ है। ऐसे में हॉस्पिटल के बाहर एवं विशेषकर बाहर से आए मरीजों के परिजन भोजन व्यवस्था को लेकर काफी परेशानियों का सामना करते हैं। ऐसे सभी मरीजों के परिजनों एवं रोज कमा कर खाने वाले मजदूरों की स्थिति को देखते हुए वे अपने निवास पर भोजन के पैकेट का निर्माण कर अपने साथियों की मदद से वितरण करने निकल पड़ते है। वही छावनी के व्यापारी एवं इन्दौर दुग्ध संघ व्यापारी एसोसेसियन अध्यक्ष भरत मथुरावाला नेओ मीडिया से चर्चा करते हुए पिंकल पांडे एवं उनके सहयोगी मधुबाला बैस, तनिष्क पांडे,नीलिमा पांडे,शैलेश गर्ग, सचिन सिलावट,रचना पांडे,माया दुबे,विकास दुबे,प्रिया दुबे एवं पांडे व जोशी परिवार के प्रयासों की सराहना करते हुए सभी के लिए इसे एक प्रेरणादायक पहल बताया।


