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परासिया(छिन्दवाड़ा)| करोड़ों रुपए के टेंडर निकलने से छोटे ठेकेदार हो रहे बेरोजगार ! बड़े कामों की पॉलिसी से छोटे ठेकेदारों के साथ-साथ मजदूरों को भी रोजगार मिलना हुआ बंद !

धनंजय वड्समुद्रकर की रिपोर्ट|

परासिया (जिला छिंदवाड़ा)
पिछले 10 साल से बड़े कार्य का दंश झेल रहे कॉन्टैक्टरो का सब्र का बांध इस बार टूट गया ।लगातार वेस्टर्न कोल लिमिटेड नागपुर मुख्यालय द्वारा उनके एरियो में 10 ,10 करोड़ों के निकाले जा रहे कामों को लेकर विगत 10 वर्षों से बेरोजगार हुए कई छोटे ठेकेदार भुखमरी की जिंदगी जीने को लाचार हो गए ।किसी तरह इस दंश को अभी वे भुला भी नहीं पाए थे कि पुनः कोल इंडिया द्वारा बड़े-बड़े ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए करोड़ों में काम निकाले की प्रक्रिया शुरू हो कर दी गई है । सरकार कहती की आखिरी छोर तक के व्यक्ति को काम मिलेगा और यहां तो आखिरी छोर को ही निपटा दिया जा रहा है ।
भूमिगत खदानों में काम करने के लिए भूमिगत खदानों में कार्यरत चहेते ठेकेदारों को पहले से ही फायदा पहुंचाया जा रहा है ।
50 लाख तक के काम को बिना अनुभव प्रमाण पत्र के दिए जाने के नियम के आने से भूमिगत खदानों के कांटेक्टरोने के लिए अब 50 लाख से ऊपर तक का काम निकालना अधिकारी के सेटिंग से आरंभ कर दिया गया है ताकि कोई दूसरा ठेकेदार उसमें काम ना डाल सके । जहां पर 50 लाख से ऊपर तक का स्टीमेट अगर नहीं बनता है तो उसे 1 साल के बजाय 2 साल तक 3 साल तक बना दिया जाता है ताकि किसी भी शर्त पर वह काम उस अंडर ग्राउंड में काम करने वाले कांट्रेक्टर को ही मिल सके शिकायत होने पर भी विजिलेंस अधिकारी कोई जांच नहीं करते हैं । नागपुर वेस्टर्न कोल लिमिटेड मुख्यालय के अधिकारियों की मिली भगत से भूमिगत खदान में कार्यरत ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए हर तरह से मदद की जाने की जानकारी भी प्राप्त हुई है ।
भूमिगत खदानों में करोड़ों के काम निकाल कर अपनी एक ही खदानों में सेट कई ठेकेदार सालों से अरबों रुपए कमा रहे है जिस पर किसी अधिकारी ने आज तक अंकुश नहीं लगाया । वही सरफेस में काम करने वाले छोटे ठेकेदारों ने मांग की है कि अंडर ग्राउंड में भी छोटे काम निकाले जाएं या फिर दो करोड़ तक की कंपटीशन बिना अनुभव प्रमाण पत्र की छूट दी जाए, ताकि नए ओर सरफेस वाले ठेकेदार भी उसमें काम ले सके । विदित हो कि 2 लाख 4 लाख 10 लाख तक के काम करने वाले ठेकेदार विगत 7 साल 8 साल से बेरोजगार हो चुके हैं अब एक बार पुनः बेरिजगर होने की वही स्थिति अब दोबारा होने जा रही है इनको घर चलाना मुश्किल हो गया है ।जिसको लेकर आक्रोशित ठेकेदारों ने पेंच एरिया के सिविल विभाग के ऐसो सिविल को ज्ञापन दिया और उन से निवेदन किया कि इस वर्ष मिशन सेहत में आने वाले फंड के द्वारा कॉलोनियों में छोटे-छोटे काम निकाले जाएं जिसमें कम पूंजी वाले छोटे ठेकेदार काम कर सके अपने साथ 10 मजदूरों को भी रोजगार दे सके । विदित हो कि पिछले 8 ,10 साल पहले वेस्टर्न कोल लिमिटेड द्वारा 5 करोड़ 10 करोड़ 15 करोड़ के वेलफेयर काम निकाले गए जिसे बड़े ठेकेदारों ने अच्छे रेट पर ले लिया क्योकि गिनती के बड़े ठेकेदारों से अदिकरियो को सीधे आर्थिक लाभ मिल जाता है जबकि छोटे ठेकेदारों से ये कम सम्भव नही है । इन बड़े ठेकेदारों द्वारा सभी वेकोलि एरियो में कार्यरत छोटे ठेकेदारों को पेटी पर ,कम रेट पर काम दे कर उनके साथ दोहन किया । मजबूर होकर ये छोटे ठेकेदार कम रेट पर काम लेकर बर्बाद हो गए । कई ठेकेदारों को अभी तक पेमेंट नहीं मिला इसके साथ ही बड़े कामों में वेकोली कामगारों के लिए बनी कॉलोनीओं में भी करोड़ों का घपला करके भुगतान पा लिया गया । इस बार पुनः बड़े कामों को लेकर सभी कांटेक्टरोने सिविल अधिकारियों से अपना विरोध दर्ज कराया और निवेदन भी किया कि बड़े कामों को ना निकालकर छोटे काम उनके कंप्लीशनओं के हिसाब से निकाला जाए ताकि जहां दो ठेकेदार काम करते हैं वही छोटे काम होने के कारण 50 ठेकेदार काम कर सकेंगे और हजारों मजदूरों लोगों को रोजगार मिल सकेगा जिससे बेरोजगारी भी कम होगी । पेंच एरिया के सिविल विभाग आमला अधिकारी श्री कुप्पुस्वामी को इस संबंध में कांटेक्टरोने ने अपना विरोध दर्ज कराया । विरोध दर्ज कराने वाले ठेकेदारों में इसराज खान ,विजय शाह मनोज सूर्यवंशी ,दिलीप कुमार मोहन बतरी, श्री पटेल आदि लोग उपस्थित थे । इस संबंध में पेंच एरिया के वेलफेयर कमेटी सदस्यों से भी बात की गई तो उन्होंने भी तत्काल जाकर एसओ सिविल श्री कुप्पूस्वामी को कड़े शब्दों में चेताया कि अब इस वर्ष से बड़े कामों को नहीं निकाला जाए ।छोटे-छोटे कामों को निकालकर उन्हें छोटे ठेकेदारों में ऑनलाइन के जरिए वितरित किया जाए ताकि सब को रोजगार मिल सके और कामों की भी गुणवत्ता हो सके जानकारी के अनुसार वेलफेयर सदस्यों में श्री राहा एवं मंगेश मूंदेकर ने जाकर आमला अधिकारी सिविल को ठेकेदारों द्वारा की जा रही मांग को जायज ठहराते हुए तुरन्त संज्ञान लेने का की बात कही ।

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