राजेन्द्रग्राम । परसेल कला में 10 ऐकड जमीन में अवैध उत्खनन,भंडारण व अवैध ब्लास्टिंग पर खनिज विभाग ने की कार्यवाही।

प्रवीण चन्द्रवंशी की रिर्पोट
राजेन्द्रग्राम।अनूपपुर जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्र पुष्पराजगढ़ पर माफियाओं की नजर बनी हुई है। यहां माफिया क्रेशर डालकर पत्थरों के अवैध उत्खनन ब्लास्टिंग सहित कई कारनामे करते आ रहे हैं। जिसका खुलासा तब होता है जब माइनिंग विभाग की टीम छापे मार कार्यवाही कर मामले को उजागर करती है। इन माफियाओं के द्वारा यहां के आदिवासियों को बहला-फुसलाकर उनकी जमीन से पत्थर निकाले जाते हैं या फिर उन्हें धमकी दी जाती है कि इसकी शिकायत जिले के अधिकारियों से की तो अंजाम बुरा होगा। यहां के आदिवासी या तो लालच या धमकी से डरकर अपनी जमीन पर उत्खनन करने देते हैं जिसका पूरा फायदा माफिया उठाते हुए आदिवासियों की जमीन पुष्पराजगढ़ में फैले जंगल को नेस्तकूद करने में लग जाते है। लंबे समय से वैध खदान की जगह में अवैध उत्खनन जयप्रकाश शिवदसानी के द्वारा किया जा रहा था। जिसकी शिकायत स्थानीय लोगों ने की थी शिकायत पर पहुंचे खनिज विभाग की टीम ने ग्राम परसेल कला पर अवैध उत्खनन लगभग 10 एकड़ की जमीन पर होना पाया गया साथ ही अवैध रूप से भंडारण लगभग 400 से 500 गाड़ी बोल्डर भी अवैध रूप से रखे पाई गई जिसकी रायल्टी पर्ची मौके पर क्रेशर संचालक उपलब्ध नहीं करा सका हालांकि खनिज विभाग ने मौके पर ही पंचनामा तैयार कर पत्थर को जप्त करते हुए मामले को विवेचना मैं लिया है । जानकारी के अनुसार जमीन मालिक खनिज अधिकारियों को रामबिहारी सिंह ने बताया कि हमारी जमीन पर जयप्रकाश शिवदासानी उर्फ जेठू के द्वारा अवैध ब्लास्टिंग के माध्यम से पत्थरों को अवैध रूप से अपने क्रेशर में ले जाया जाता है यह उत्खनन काफी लंबे वर्षों से जयप्रकाश के द्वारा किया जा रहा था। जिस पर खनिज विभाग की टीम ने राजस्व की टीम के साथ जमीन की नपाई करने के उपरांत कार्यवाही की बात कही है। गौरतलब है कि पूर्व में खनिज विभाग की टीम ने परसेल कला स्थित जयप्रकाश की खदानों पर छापे मार कार्रवाई की है। जिसमें अवैध उत्खनन के मामले दर्ज हुए हैं साथ ही जुर्माना भी खनिज विभाग के द्वारा वसूला गया है। लेकिन जयप्रकाश शिवदासानी द्वारा अवैध उत्खनन करने से बाज क्यों नहीं आ रहा है समझ से परे है।
कौन है जय प्रकाश शिवदासानी (ऊर्फ जेठू)……..
परसेल कला में लगभग 12 से 15 वर्ष पूर्व जयप्रकाश शिवदासानी द्गारा प्रथम क्रेशर परसेलकला में डालकर व्यापार करने लगा और आदिवासी आंचल पुष्पराजगढ़ को चुनते हुए यहां पर कदम रखा। सबसे पहले जयप्रकाश ने परसेल कला पर अपना एक क्रेशर खोलकर गिट्टी के कारोबार करने लगा। आदिवासी अंचल होने का लाभ उठाते हुए। देखते ही देखते बसही,हर्राटोला,बडी तुम्मी, में क्रेशर डाल दिया यहां से जहां छत्तीसगढ़ सहित रेलवे में गिट्टी की सप्लाई जारी कर दी छत्तीसगढ़ से आकर मध्यप्रदेश में अपना कारोबार जमाने के साथ अवैध उत्खनन अवैध ब्लास्टिंग आदिवासियों की जमीन पर बहला-फुसलाकर व धमकी देकर अवैध उत्खनन करना इसका पैसा बनता गया। हालांकि समय-समय पर खनिज विभाग ने इसके ऊपर जरूर कार्रवाई की लेकिन इसके बाद भी अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगी खनिज विभाग अगर इसके तीनों क्रेसरो पर भी जांच करें तो सारे मामले खुलकर सामने आ जाएंगे पूर्व में भी इनके कारनामे के द्वारा अवैध उत्खनन अवैध ब्लास्टिंग अवैध भंडारण करने की शिकायतें ग्रामीणों के द्वारा दी जा चुकी है अब खनिज विभाग को चाहिए कि ऐसे माफियाओं के विरुद्ध मुहिम चलाकर कार्यवाही करें जिससे आदिवासी अंचलों को इन माफियाओं के चुंगल से बचाया जा सके इस संबंध में क्रेशर संचालक जयप्रकाश शिवदसानी से बात की गई तो उन्होनें बताया कि मेरे पास भंडारण की पर्ची है,मेरे द्गारा कोई अवैध उत्खनन नहीं किया जाता है।अब सवाल यह उठता है कि जब जयप्रकाश के पास भंडारण की पर्ची है तो मौके में खनिज विभाग को क्यों नहीं उपलब्ध कराया और जमीन मालिक ने जयप्रकाश का नाम लेते हुए उत्खनन का ठीकरा क्यों फोडा बहरहाल सब जांच का विषय है।जांच होने के उपरांत ही सारे मामले की खुलासा हो पाएगी।
इनका कहना है,,
शिकायत मिलने पर खनिज विभाग की टीम मौके में पहुंची थी मौके में ही पंचनामा बनाया गया है विवेचना चल रही है खनिज विभाग के द्वारा सारे पहलुओं की जांच की जा रही है मुकदमा कायम होते ही आपको भी अवगत करा दिया जाएगा- खनिज अधिकारी अनूपपुर पीपी राय।



