धर्ममध्यप्रदेश

शाढौरा में शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा एवं भंडारा संपन्न

माँ बीजासन प्रांगण में हुई प्राण प्रतिष्ठा -

शाढ़ौरा से देवेश ओझा की रिपोर्ट

शाढौरा में अस्तल मोहल्ला स्थित माँ बीजासन प्रांगण में शिव परिवार की स्थापना एवं भंडारा सम्पन्न हुआ।शिव परिवार की स्थापना के लिए शिव मंदिर का निर्माण बलकुराम नामदेव सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक ने अपने पिता स्वर्गवासी श्री गोविंदराम नामदेव एवं माता स्वर्गवासी श्रीमती सूरज बाई की पुण्य स्मृति में कराया। एवं विशेष सहयोग नंदकिशोर शर्मा – गुड्डा महाराज पिपरिया एवं एडवोकेट कुमारी रेखा नामदेव का रहा ।शिव परिवार की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा के पूर्व एक दिन पहले कलश यात्रा निकाली गई तत्पश्चात शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा अभिषेक, हवन , पूजन , अर्चन कर विधि विधान से की गई तीन दिवस लगातार चली पूजा के उपरांत शिव परिवार की स्थापना हुई । इस शिव परिवार में श्री गणेश ,कार्तिक जी , माँ पार्वती , नन्दी महाराज सहित श्री भोलेनाथ हेमपालेश्वर महादेव विराजमान हुए ।इस प्रकार माँ बीजासन प्रांगण में बड़ के नीचे श्री हेमपालेश्वर महादेव की स्थापना हुई ।नगरपरिषद शाढोरा के वार्ड क्रमांक चार में माँ बीजासन का मंदिर हजारो वर्ष पुराना हैं और यहाँ बड़ ,पीपल, नीम त्रिवेणी के नीचे माँ बिराजी हैं ऐसी मान्यता है कि यह माँ बीजासन – कष्ट , बीमारी से निजात दिलाकर प्राणों की रक्षा करती हैं । इस स्थान की रौनक देखते ही बनती हैं । यहाँ ब्रह्म गौड़ बाबा का स्थान भी है ।
प्राण प्रतिष्ठा के दिन अभिषेक होने के उपरांत हवन भंडारा हुआ जिसने कन्या पूजन के साथ नर नारियो ने भोजन प्रसादी ग्रहण की । तीन दिन के इस कार्यक्रम में कलश यात्रा , रामायण जी , मंडप पूजन सहित अभिषेक, पूजन हुआ । कार्यक्रम के आयोजक बलकुराम नामदेव सेवा निवृत प्रधानाध्यापक एवं विशेष सहयोगी नंदकिशोर शर्मा गुड्डा महाराज पिपरिया, एवं एडवोकेट कु० रेखा नामदेव , जगदीश मोहन नामदेव शिक्षक थे ।
अनादि देव हेमपालेश्वर महादेव की प्राण प्रतिष्ठा का यह मुहूर्त बहुत ही शुभ था ऐसा मनीषी – विद्वानों का कहना है , पुख नक्षत्र के साथ यह मुहूर्त वह था जिस मुहूर्त में ओरछा धाम – में राम लला की स्थापना हुई थी । पुख नक्षत्र के साथ गुप्त नवरात्रि का प्रारंभ इसी दिन से था । इस प्रांगण में शिव परिवार की स्थापना के वाद ओर भी रौनक बढ़ गईं जिसको देखकर मोहल्ला वासी ओर नगर वाले बहुत प्रसन्न नजर आये ,

Related Articles

Back to top button
Close
Close