श्रीमद् भागवत कथा जन्मोत्सव का आयोजन

श्रीमद् भागवत कथा जन्मोत्सव का आयोजन
श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन श्री कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया
राहतगढ़ नगर के समाधि स्थल पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन राष्ट्रीय संत श्री विपिन बिहारी साथी महाराज ने भगवान श्री कृष्ण की जन्म उत्सव पर कथा को वृतांत से सुनाया भगवान कृष्ण की आकर्षण सुंदर झांकी बनाई गई भक्तों ने भगवान श्री कृष्ण के जन्म उत्सव का आनंद लिया बिपिन बिहारी साथी ने कहा कि जब भगवान का जन्म हुआ तो काली अंधियारी रात थी कारागार के बंद दरवाजे अपने आप खुल गए और नंद बाबा भगवान को सिर पर रखकर काली अंधियारी रात में यमुना जी के अथाएं गहरे पानी में से निकले तो युमना मैया ने भी भगवान को निकलने के लिए रास्ता दे दिया और शेषनाग ने अपना फन उनके ऊपर रख लिया भगवान के चरण स्पर्श करने के लिए यमुना जी की लहरी भी उनके चरणों तक पहुंची उन्होंने कहा कि जब कंस को यह मालूम पड़ा कि हमारी मौत देवकी के लड़के से होना है एक एक कर सभी संतानों को मार डाला लेकिन जब भगवान का जन्म हुआ तो उसको पता ही नहीं चला अर्थात जब पाप का घड़ा भर जाता है तो निश्चित ही भगवान उसका विनाश करते हैं इसलिए जीवन में लोग ईश्वर पर आस्था रखें ईश्वर को ना छोड़े हर परेशानी और समस्या का हल ठाकुर जी ही है जिस घर में पूजा पाठ नित्य नियम विधि विधान से होता रहता है उस घर में कभी विपदा आती कथा उपरांत सभी को प्रसादी का वितरण किया गया


