गोटेगांव अल्प प्रवास पर अपने गृह नगर पहुंचे केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कोरोना के संक्रमण काल को देखते हुए देश की जनता से होली का त्यौहार मनाने को लेकर अपील करते हुए कहा

गोटेगांव से सीताराम रजक की रिपोर्ट
गोटेगांव अल्प प्रवास पर अपने गृह नगर पहुंचे केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कोरोना के संक्रमण काल को देखते हुए देश की जनता से होली का त्यौहार मनाने को लेकर अपील करते हुए कहा कि हमारे जितने भी त्यौहार हैं वह आनंद और उत्सव के लिए हैं पर हमेशा से हमारे बुजुर्ग हमें सावधानी बरतने की नसीहत देते रहे हैं की उत्साह मनाए मगर सार्वजनिक स्थल पर इस बात की चिंता अवश्य करें कि एक व्यक्ति की गलती से बाकी दूसरों लोगों का नुकसान ना हो जाए होली का त्यौहार तो और ज्यादा उमंग का त्यौहार है उमंग हो उत्साह हो घर मगर उसे घर के भीतर ही मनाए मर्यादित रहे सार्वजनिक तौर पर इकट्ठे होकर जैसे हम त्यौहार मनाते थे उससे इस बार हमें बचना चाहिए
वहीं केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने देशभर में मनाए जा रहे आजादी आनंद उत्सव को लेकर कहा कि 12 मार्च से आजादी के 75 वर्ष का जो अमृत महोत्सव पूरा देश मनाया रहा है हर सप्ताह और बीच में जो विशिष्ट तिथियां हैं उनमें कार्यक्रम होने हैं पूरे देश में लगभग साढ़े पांच सौ जिलों में इन 75 सप्ताह में कार्यक्रम करने हैं प्रधानमंत्री जी का आवाहन है
यह की जो गुमनाम शहीद हैं जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना बलिदान किया लेकिन उन्हें इतिहास में कोई स्थान नहीं मिला ऐसे लोगों को जरूर चिन्हित कर के उनके स्थानों पर उससे अवश्य बनाना चाहिए जैसे नरसिंहपुर जिले में राजा ह्रदयशाह 1842 की क्रांति के वह अगुआ थे लेकिन उनके साथ लगभग डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों पर इनाम था और उन्हें शहादत भी मिली उनके पुत्र का तो पता ही नहीं चला कि वह कहां गए उनके भाई को फांसी हुई और ने लड़ाई लड़ी 1842 से 1858 तक मगर मुझे नही लगता इस जिले में या बाकी अन्य जिलों में इस बारे में कभी चर्चा हुई है मगर बुंदेला विद्रोह के बारे में अवश्य चर्चा होती है और मुझे लगता है कि ऐसे स्थानों को प्रकाश में लाने की जरूरत है


