पीएमओ और संसद भवन में लगेगी वैदिक घड़ी, 189 भाषाओं में बताएगी समय

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भारत जल्द ही अपनी सांस्कृतिक और वैज्ञानिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने के लिए विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और संसद भवन में स्थापित करने जा रहा है। यह घड़ी भारतीय काल गणना के अनुसार समय बताएगी और 189 भाषाओं में काम करेगी।

विक्रमादित्य वैदिक घड़ी: भारतीय काल गणना पर आधारित अनोखी घड़ी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 29 फरवरी को विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण किया था। यह घड़ी भारतीय काल गणना पर आधारित दुनिया की पहली घड़ी है। इसके एक वर्ष पूरे होने के बाद, 30 मार्च 2025 को इसका मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा। इसके अलावा, इस घड़ी के छोटे मॉडल को भी विकसित किया जा रहा है, जिसे देश और विदेश के महत्वपूर्ण स्थलों पर स्थापित किया जाएगा।

वैदिक घड़ी की प्रमुख विशेषताएं

✅ 189 भाषाओं में समय दर्शाने की सुविधा

विक्रमादित्य वैदिक घड़ी हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 189 भाषाओं में समय प्रदर्शित करने की क्षमता रखती है। इससे यह न केवल भारतीयों के लिए बल्कि वैश्विक स्तर पर भी उपयोगी होगी।

✅ बिजली जाने पर भी काम करेगी घड़ी

इस घड़ी को एक विशेष चिप की मदद से तैयार किया गया है, जिससे बिजली चले जाने पर भी घड़ी बंद नहीं होगी और इसका समय स्वचालित रूप से चलता रहेगा।

✅ सटीक समय निर्धारण

इस घड़ी में GPS तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह सूर्योदय के आधार पर सटीक समय प्रदर्शित कर सकेगी। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी होगी जो वैदिक पंचांग और भारतीय समय गणना का अनुसरण करते हैं।

प्रधानमंत्री को भेंट की जा चुकी है वैदिक घड़ी

कुछ समय पहले भोपाल में आयोजित ग्लोबल समिति के दौरान, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वैदिक घड़ी का छोटा संस्करण भेंट किया था। प्रधानमंत्री ने इस घड़ी की सराहना करते हुए इसे भारतीय वैज्ञानिक विरासत का महत्वपूर्ण योगदान बताया।

वर्तमान में इस घड़ी का एक संस्करण विक्रमादित्य शोधपीठ कार्यालय में स्थापित किया गया है, लेकिन जल्द ही इसे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और नए संसद भवन में भी लगाया जाएगा। इसके अलावा, लगभग 100 अन्य स्थानों पर इस घड़ी को स्थापित करने की योजना बनाई गई है।

वैदिक घड़ी ऐप की खासियतें

इस घड़ी के साथ एक विशेष वैदिक घड़ी ऐप भी विकसित किया गया है, जिसे 30 मार्च 2025 को लॉन्च किया जाएगा। यह ऐप GPS आधारित होगा और विभिन्न भारतीय एवं अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा।

📌 ऐप की प्रमुख विशेषताएं

  • वैदिक समय और भारतीय स्टैंडर्ड टाइम (IST) दोनों की जानकारी
  • ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) का भी समर्थन
  • तापमान, वायु गति, आर्द्रता जैसी मौसम संबंधी जानकारी
  • भारतीय पंचांग, विक्रम संवत, मास, ग्रह स्थिति, योग, भद्रा स्थिति, चंद्र स्थिति की गणना
  • शुभ-अशुभ मुहूर्त, नक्षत्र, व्रत-त्योहार, चौघड़िया, सूर्य और चंद्र ग्रहण की जानकारी
  • ग्रहों की स्थिति और उनके परिभ्रमण का सटीक विश्लेषण

भारतीय काल गणना के प्रचार-प्रसार की दिशा में बड़ा कदम

विक्रमादित्य वैदिक घड़ी सिर्फ एक घड़ी नहीं, बल्कि भारतीय वैज्ञानिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से भारत अपनी वैदिक काल गणना प्रणाली को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास कर रहा है।