मध्यप्रदेश में नए संभाग की मांग तेज, सतना को अलग संभाग बनाने की पहल

मध्यप्रदेश में एक बार फिर संभाग पुनर्गठन की मांग जोर पकड़ रही है। पुनर्गठन आयोग के सदस्य एसएन मिश्रा और मुकेश शुक्ला नए सिरे से सीमांकन की योजना बना रहे हैं। इस बीच, राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर सतना को अलग संभाग बनाने की मांग की है। इस प्रस्ताव के चलते विंध्य क्षेत्र की राजनीति में हलचल मच गई है।
तीन जिलों के 3,562 गांव मिलकर बन सकते हैं नया संभाग
राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के प्रस्ताव के अनुसार, सतना, मैहर और पन्ना को मिलाकर नया संभाग बनाया जा सकता है।
- सतना जिले में 1,816 गांव और 10 तहसीलें हैं।
- पन्ना जिले में 1,033 गांव और 9 तहसीलें हैं।
- मैहर जिले में 713 गांव और 3 तहसीलें हैं।
इन जिलों को मिलाकर सतना को नया संभाग बनाने की मांग रखी गई है।
सतना को संभाग बनाने की जरूरत क्यों?
- विकास में पिछड़ रहे जिले: सतना और पन्ना दोनों ही विकास की दृष्टि से पीछे रह गए हैं।
- लंबी दूरी की समस्या:
- पन्ना के लोगों को संभागीय मुख्यालय के लिए सागर जाना पड़ता है, जो 215 किमी दूर है, जबकि सतना मात्र 75 किमी की दूरी पर है।
- चित्रकूट (मध्यप्रदेश हिस्से) के लोगों को रीवा जाना पड़ता है, जो 131 किमी दूर है, जबकि सतना 77 किमी की दूरी पर है।
- रेल मार्ग की कनेक्टिविटी: ललितपुर-सिंगरौली परियोजना पूरी होते ही पन्ना और सतना रेल मार्ग से भी जुड़ जाएंगे, जिससे प्रशासनिक कार्यों में आसानी होगी।
उद्योगों और खनिज संपदा की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र
- सतना और मैहर में सीमेंट उद्योग: यहां चूना पत्थर, गिट्टी और खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, जिससे सीमेंट उत्पादन उद्योग तेजी से विकसित हुआ है। देश के कुल सीमेंट उत्पादन का 9-10% यहीं से आता है।
- पन्ना में हीरे की खदानें: पन्ना जिला हीरों की खदानों के लिए प्रसिद्ध है, जिससे यह क्षेत्र आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण बनता है।
राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने सीएम को लिखा पत्र
राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने अपने पत्र में बताया कि रीवा और सागर संभाग में वर्तमान में 6-6 जिले शामिल हैं। यह भौगोलिक रूप से बहुत बड़ा क्षेत्र बन जाता है, जिससे स्थानीय लोगों को प्रशासनिक कार्यों में दिक्कतें होती हैं। इसलिए सतना, मैहर और पन्ना को मिलाकर सतना संभाग का गठन किया जाना जरूरी है।


