सेवा ही संकल्प और सीएम जन विश्वास अभियान की बैठक से जनप्रतिनिधियों ने बनाई दूरी
पवई में प्रशासनिक बैठक में भाजपा मंडल अध्यक्ष, नगर परिषद अध्यक्ष सहित पार्षद और एल्डरमैन नहीं पहुंचे; एसडीएम की कार्यप्रणाली को लेकर जनप्रतिनिधियों में नाराजगी
एसडीएम से नाराज जनप्रतिनिधि”
बैठक में नहीं पहुंचे भाजपा नेता
राकेश पाठक वरिष्ठ पत्रकार पन्ना
पन्ना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से शुरू होने वाले ‘सेवा ही संकल्प अभियान’ एवं ‘सीएम जन विश्वास अभियान’ की तैयारियों को लेकर मंगलवार को पवई स्थित राज्य आजीविका मिशन कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। एसडीएम समीक्षा जैन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और भाजपा पदाधिकारियों की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही।
बैठक में भाजपा मंडल अध्यक्ष निधि पटेरिया, नगर परिषद अध्यक्ष, पार्षदों और नगर परिषद में नियुक्त एल्डरमैन के शामिल नहीं होने से राजनीतिक एवं प्रशासनिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। बताया गया कि प्रशासन की ओर से अभियान के सफल आयोजन और उसकी तैयारियों को लेकर बैठक बुलाई गई थी।
एसडीएम की कार्यप्रणाली को लेकर जताई नाराजगी
बैठक में शामिल नहीं होने वाले जनप्रतिनिधियों और भाजपा पदाधिकारियों से जब इसका कारण पूछा गया तो उन्होंने पवई एसडीएम समीक्षा जैन की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जाहिर की। उनका आरोप है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच अपेक्षित समन्वय नहीं है। इसके कारण जनहित से जुड़े कार्यों को लेकर भी समस्याएं सामने आ रही हैं।
भाजपा नेताओं का कहना है कि एसडीएम की कार्यप्रणाली को लेकर पूर्व में भी शिकायतें उठाई गई हैं। उनका कहना है कि जब तक इन शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं होती और एसडीएम को हटाने की मांग पर निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे प्रशासनिक कार्यक्रमों में सहभागिता को लेकर पुनर्विचार करेंगे।
प्रभारी मंत्री को दिया ज्ञापन
एल्डरमैन जमुना खटीक के अनुसार, रविवार को प्रभारी मंत्री को ज्ञापन देकर पवई एसडीएम को हटाने की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि जब तक एसडीएम को हटाया नहीं जाता, तब तक वे किसी भी प्रशासनिक कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।
नगर बंद की चेतावनी
भाजपा युवा नेता कृष्ण प्रताप सिंह ‘कान्हू राजा’ ने एसडीएम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा शासन सुशासन पर आधारित है, लेकिन उनके अनुसार निरंकुश अफसरशाही के कारण शासन की योजनाओं का लाभ आमजन तक अपेक्षित रूप से नहीं पहुंच पा रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पवई एसडीएम को शीघ्र नहीं हटाया गया तो नगर के व्यापारी, जनप्रतिनिधि और अधिवक्ता सामूहिक रूप से नगर बंद का निर्णय ले सकते हैं।
मंगलवार को अभियान की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में प्रमुख स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति ने एसडीएम और जनप्रतिनिधियों के बीच कथित मतभेद को लेकर चर्चाओं को और बढ़ा दिया है।
इनका कहना है
एसडीएम हम लोगों को जनप्रतिनिधि नहीं समझती हैं और उनका रवैया आमजन के प्रति भी ठीक नहीं है। — निधि पटेरिया, भाजपा मंडल अध्यक्ष
हम लोगों ने रविवार को प्रभारी मंत्री को पवई एसडीएम को हटाने के लिए ज्ञापन दिया था। जब तक उन्हें हटाया नहीं जाता, तब तक किसी भी कार्यक्रम में सम्मिलित नहीं होंगे। — जमुना खटीक, एल्डरमैन, नगर परिषद पवई
भाजपा का शासन सुशासन पर आधारित है, लेकिन निरंकुश अफसरशाही के कारण शासन की योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच रहा है। यदि पवई एसडीएम को शीघ्र नहीं हटाया जाता तो नगर के व्यापारी, जनप्रतिनिधि और अधिवक्ता सामूहिक रूप से नगर बंद करेंगे। — कृष्ण प्रताप सिंह ‘कान्हू राजा’, युवा नेता भाजपा