ज्ञानेश्वर कुमार बने नए मुख्य चुनाव आयुक्त, PM की अध्यक्षता में हुई बैठक में हुआ फैसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में ज्ञानेश कुमार को भारत के अगले मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के रूप में नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त, राजीव कुमार 18 फरवरी को अपने पद से रिटायर हो जाएंगे और उनके बाद ज्ञानेश कुमार यह जिम्मेदारी संभालेंगे।
बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी उपस्थित थे। यह नियुक्ति इस पैनल की सिफारिश पर की गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नए CEC के लिए 5 संभावित नामों की सूची दी गई थी, लेकिन राहुल गांधी ने इस पर विचार करने से इनकार कर दिया था और बैठक के बाद उन्होंने एक डिसेंट नोट जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है, इसलिए यह बैठक नहीं होनी चाहिए थी।
कांग्रेस ने भी राहुल गांधी के साथ अपनी राय साझा की और कहा कि बैठक को स्थगित किया जाना चाहिए था, ताकि सुप्रीम कोर्ट जल्द फैसला कर सके और चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया पर कोई विवाद न हो। कांग्रेस के नेताओं का कहना था कि अहंकार से काम नहीं करना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का इंतजार करना आवश्यक था।
इस बीच, कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन बताया। उनका कहना था कि CEC चयन समिति में मुख्य न्यायाधीश को हटाकर सरकार ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को प्रभावित किया है और अब वह आयोग के बजाय उसे नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है। सिंघवी ने यह भी कहा कि CEC और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए बनाए गए नए कानून पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका पेंडिंग है, जिस पर 19 फरवरी को सुनवाई होनी है। उनका तर्क था कि यह केवल 48 घंटे का मुद्दा था, और सरकार को याचिका की शीघ्र सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट से संपर्क करना चाहिए था।
सुप्रीम कोर्ट ने 19 फरवरी को इस याचिका पर सुनवाई के लिए तारीख दी है। यह मामला मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के चयन प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं से जुड़ा है, और इसे भारतीय संविधान के तहत मान्यता प्राप्त है। 12 फरवरी को सुनवाई होनी थी, लेकिन यह मामला सूचीबद्ध नहीं हो सका था, जिसके बाद वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में उठाया था। उनका कहना था कि चूंकि राजीव कुमार 18 फरवरी को रिटायर हो रहे हैं, सरकार इस समय नए CEC की नियुक्ति कर सकती है, इसलिए मामले पर शीघ्र सुनवाई की आवश्यकता थी।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर 19 फरवरी को सुनवाई की तारीख दी और कहा कि अगर इस दौरान कोई महत्वपूर्ण घटनाक्रम होता है, तो वह अदालत के फैसले के अधीन होगा। इसलिए फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है।
यह मामला मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के नए कानून की संवैधानिकता से संबंधित है, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।


