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MP Board 2025 : कक्षा 10वीं-12वीं के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट, कॉपियों का मूल्यांकन शुरू, जानें नियम और प्रक्रियाएं

MP Board 10th 12th 2025 : मध्य प्रदेश बोर्ड 2025 की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन अब शुरू हो चुका है। इस बार उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन 45 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि इस वर्ष मूल्यांकन प्रक्रिया को और भी पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

मूल्यांकन में तीन स्तरों की प्रक्रिया

मूल्यांकन तीन स्तरों पर किया जाएगा, जिसमें मुख्य परीक्षक, उप मुख्य परीक्षक और सामान्य परीक्षक शामिल होंगे। 1 मार्च तक जिन पेपरों की परीक्षा हो चुकी थी, उनका पहला चरण का मूल्यांकन 13 मार्च से शुरू हो गया है। पहले चरण में करीब 5,000 शिक्षकों को ड्यूटी पर लगाया गया है। इसके बाद दूसरे चरण का मूल्यांकन 21 मार्च से शुरू होगा, जिसमें 40,000 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी।

नियम और शर्तें: क्या है मूल्यांकन प्रक्रिया?

  1. एक दिन में कितनी कॉपी जांचें?
    हर शिक्षक को एक दिन में अधिकतम 45 कॉपी जांचने का अनुमति होगी। पहले राउंड में 30 कॉपियां जांची जाएंगी और बाद में 15 अतिरिक्त कॉपियां दी जाएंगी।

  2. प्रति कॉपी भुगतान
    प्रत्येक 10वीं की उत्तरपुस्तिका के लिए ₹15 और 12वीं की उत्तरपुस्तिका के लिए ₹16 का भुगतान किया जाएगा।

  3. उत्तरपुस्तिका में कई बार एक ही सवाल का उत्तर लिखा गया हो तो?
    यदि किसी विद्यार्थी ने एक ही सवाल का उत्तर कई बार लिखा है, तो परीक्षक केवल एक ही उत्तर का मूल्यांकन करेगा और अंक की गणना करेगा।

  4. उप मुख्य परीक्षक का पुनः परीक्षण
    कॉपी जांचने के बाद, उप मुख्य परीक्षक द्वारा उत्तरपुस्तिका का पुनः परीक्षण किया जाएगा ताकि कोई त्रुटि न रह जाए।

  5. CCTV और जैमर की व्यवस्था
    मूल्यांकन केंद्रों पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी। संवेदनशील केंद्रों पर जैमर भी लगाए जाएंगे ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचा जा सके।

  6. उच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की कॉपी का पुनः मूल्यांकन
    जिन छात्रों के 90 प्रतिशत से अधिक अंक होंगे, उनकी कॉपी को मुख्य परीक्षक और उप मुख्य परीक्षक द्वारा फिर से जांचा जाएगा।

  7. आंसर की का उपयोग
    सभी शिक्षकों को आंसर की प्रदान की जाएगी और इसे सही तरीके से उपयोग करने की सलाह दी गई है ताकि कोई गलती न हो।

  8. सख्त कार्रवाई पर ध्यान
    मूल्यांकन में कोई गलती पाए जाने पर संबंधित शिक्षक पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि अंक की गणना में एक भी नंबर की गलती होती है, तो उस शिक्षक पर ₹100 का जुर्माना लगाया जाएगा और उन्हें आगे कॉपियों की जांच के लिए ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है।

एमपी बोर्ड में इस बार परीक्षा पैटर्न में बदलाव

इस बार एमपी बोर्ड परीक्षा में नए पैटर्न के अनुसार दो अंक के छोटे प्रश्नों की संख्या बढ़ाई गई है, जबकि दीर्घ उत्तरीय बड़े प्रश्नों की संख्या कम की गई है। 10वीं के प्रश्नपत्र में 75 अंक के वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे और 25 अंक आंतरिक मूल्यांकन के होंगे। वहीं 12वीं के प्रैक्टिकल विषयों का पेपर 70 अंक का होगा और 30 अंक आंतरिक मूल्यांकन के होंगे। नॉन प्रैक्टिकल विषयों का पेपर 80 अंक का होगा।

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