मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत! 15 मार्च से होगा गेहूं का समर्थन मूल्य पर उपार्जन

किसानों की मांग पर तारीखों में बदलाव
यह निर्णय मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की मांग पर लिया है। इससे किसानों को गेहूं उपार्जन में और राहत मिलेगी। इसके अलावा, इस बार प्रति क्विंटल 175 रुपये बोनस भी किसानों को मिलेगा, जिससे कुल मूल्य 2600 रुपये प्रति क्विंटल हो जाएगा।
2425 रुपये के समर्थन मूल्य के साथ मिलेगा बोनस
भारत सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की है। इस प्रकार, राज्य में किसानों को 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीदी की जाएगी।
4000 उपार्जन केंद्र बनेंगे
गेहूं खरीदी के लिए इस बार राज्य में 4000 उपार्जन केंद्र बनाए जाएंगे, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने में कोई परेशानी न हो।
तारीख में बदलाव का कारण: फसल कटाई और नमी
खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार, गेहूं की फसल कटाई पूरी न होने और मंडियों में गेहूं में नमी अधिक होने के कारण उपार्जन की तारीखें आगे बढ़ाई गई हैं। यह कदम किसानों को राहत देने के लिए उठाया गया है।
80 लाख टन गेहूं का उपार्जन अनुमानित
इस वर्ष, मध्य प्रदेश में 80 लाख टन गेहूं उपार्जन का अनुमान है। इसके लिए किसानों को 19,400 करोड़ रुपये की राशि समर्थन मूल्य के रूप में और 1,400 करोड़ रुपये बोनस के रूप में दी जाएगी।
31 मार्च तक करवा सकते हैं पंजीयन
जो किसान अब तक गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन नहीं करवा पाए हैं, वे 31 मार्च 2025 तक पंजीयन करा सकते हैं। अब तक 2.91 लाख से अधिक किसान पंजीकरण करवा चुके हैं।


