एस. जयशंकर ने पड़ोसी देश को दिया कड़ा संदेश, कहा- ‘दूसरा आतंकिस्तान न बने बांग्लादेश’

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में बांग्लादेश से स्पष्ट तौर पर कहा कि वह अपनी धरती को आतंकवाद का अड्डा नहीं बनने दें। यह बयान मस्कट में आयोजित 8वें हिंद महासागर सम्मेलन के दौरान बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन से मुलाकात के दौरान दिया गया। विदेश सचिव रणधीर जायसवाल ने 21 फरवरी को वीकली ब्रीफिंग में इस मुलाकात की जानकारी दी, जिसमें जयशंकर ने बांग्लादेश को चेतावनी दी कि आतंकवाद को सामान्य बनाना नहीं चाहिए।
SAARC का पुनर्निर्माण मुश्किल रहेगा
बैठक में SAARC (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ) के भविष्य पर भी चर्चा हुई। बांग्लादेश ने SAARC को फिर से सक्रिय करने की बात उठाई, लेकिन भारत का स्पष्ट संदेश था कि जब तक आतंकवाद की समस्या हल नहीं होती, तब तक SAARC का पुनर्निर्माण मुश्किल रहेगा। भारत ने लंबे समय से पाकिस्तान की भूमिका के कारण SAARC को लेकर सतर्क रुख अपनाया है और अब BIMSTEC जैसे संगठनों को प्राथमिकता दे रहा है।
जयशंकर के बयान से यह साफ हो गया कि भारत का ध्यान आतंकवाद पर है और जब तक इस मुद्दे को हल नहीं किया जाता, तब तक SAARC का भविष्य संदेहास्पद रहेगा।
हाल के दिनों में अशांति देखी गई
इसके अलावा, बांग्लादेश में हाल ही में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ है। शेख हसीना को हिंसक छात्र आंदोलनों के कारण पद छोड़ना पड़ा और इसके बाद हिंदू समुदाय के खिलाफ हमले बढ़ गए, जिससे भारत में गहरी चिंता का माहौल है। दोनों देशों के बीच 4,000 किलोमीटर से ज्यादा लंबी सीमा है, जहां हाल के दिनों में अशांति देखी गई है।



